नयी दिल्ली (वार्ता) केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर विधेयक 2025 के प्रावधानों पर आयकर नियमों और संबंधित प्रपत्रों पर हितधारकों से सुझाव मांगे1
सीबीडीटी ने आज यहां यह जानकारी देते हुये कहा कि इसे सुविधाजनक बनाने के लिए, ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक उपयोगिता शुरू की गई है। इससे जुड़ा लिंक ई-फाइलिंग पोर्टल पर सभी हितधारकों के लिए लाइव और सुलभ है। हितधारक अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करके अपने इनपुट पेश कर सकते हैं, इसके बाद ओटीपी-आधारित सत्यापन प्रक्रिया होगी।
सभी सुझावों में आयकर नियम, 1962 के प्रासंगिक प्रावधान (विशिष्ट धारा, उप-धारा, खंड, नियम, उप-नियम या फॉर्म नंबर सहित) को स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट किया जाना चाहिए, जिससे उपर्युक्त चार श्रेणियों के तहत सिफारिश संबंधित है।
आयकर अधिनियम, 1961 की व्यापक समीक्षा के साथ, इनपुट एकत्र करने और संबंधित आयकर नियमों और प्रपत्रों के सरलीकरण पर काम करने का प्रयास चल रहा है। इस पहल का उद्देश्य स्पष्टता बढ़ाना, अनुपालन बोझ को कम करना और अप्रचलित नियमों को खत्म करना है, जिससे करदाताओं और अन्य हितधारकों के लिए कर प्रक्रियाएं अधिक सुलभ हो सकें। इसके अतिरिक्त, नियमों और प्रपत्रों को सुव्यवस्थित करने का उद्देश्य कर अनुपालन को सरल बनाना, करदाताओं की समझ में सुधार करना और फाइलिंग को आसान बनाना, प्रशासनिक बोझ और त्रुटियों को कम करना और पारदर्शिता और दक्षता को बेहतर करना है।
व्यापक परामर्श प्रक्रिया के भाग के तौर पर, नियमों और प्रपत्रों की समीक्षा के लिए गठित समिति निम्नलिखित चार श्रेणियों में हितधारकों से इनपुट और सुझाव आमंत्रित किये गये हैं जिनमें भाषा का सरलीकरण, मुकदमेबाजी में कमी, अनुपालन बोझ में कमी और अनावश्यक/ अप्रचलित नियमों और प्रपत्रों की पहचान शामिल है।
