सीहोर। जिले में बारिश के इस सीजन में डूबने से मौत का आंकड़ा 12 तक पहुंच चुका है. शनिवार को बुधनी में नर्मदा नदी में डूबने से भोपाल निवासी एक बुजुर्ग की मौत के बाद यह संख्या बढ़ी है. प्रशासन की अपील और सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद लोग लापरवाही बरत रहे हैं, जिसके कारण दर्दनाक हादसे हो रहे हैं. ये मौतें नदियों, झरनों और गहरे गड्ढों में डूबने से हुई हैं, जिनमें कई युवा और एक ही परिवार के सदस्य शामिल हैं.
कलेक्टर बालागुरू के. और पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने लोगों से गहरे जलस्त्रोतों से दूरी बनाए रखने की अपील की है. प्रमुख पिकनिक स्थलों और वॉटरफॉल्स पर कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है, पर लापरवाही जारी है. नर्मदा, पार्वती और पहाड़ी नदियां इन दिनों लबालब हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है.
सबसे दर्दनाक हादसा 13 जुलाई को रेहटी में हुआ, जहां अताउर्र रहमान, उनकी पत्नी रफत और बेटे ओमान की डूबने से मौत हो गई. इसी दिन कोलार डैम में पिकनिक मनाने आए उज्जवल त्रिपाठी और प्रिंस राज डूब गए. बीते सप्ताह बेंगनघाट में 15 वर्षीय किशोर, भैरू खों झरने में वीआईटी कॉलेज के दो छात्र, मछली पुल के पास एक साइकिल सवार, नीलकंठ घाट पर सोभाल धनगर और जताखेड़ा के पास एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो चुकी है.
ज्यादातर हादसे छुट्टियों, खासकर रविवार को हुए हैं, जब लोग पिकनिक पर जाते हैं और थोड़ी सी असावधानी जानलेवा साबित होती है. प्रशासन लगातार सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है, लेकिन पानी के रोमांच में लापरवाही कई घरों में मातम ला रही है.
