
भोपाल। मध्य प्रदेश के लाखों आउटसोर्स एवं अस्थायी कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को यहां शाहजहानी पार्क में आयोजित की गई। बैठक में नौकरी की सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन को लेकर आंदोलन के निर्णायक चरण की घोषणा की गई। बैठक की अध्यक्षता युवा आउटसोर्स के अध्यक्ष दीपक सिंह ने की, जबकि ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स एवं अस्थायी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा की विशेष उपस्थिति रही। संचालन कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अमित सिंह ने किया।
बैठक में विभिन्न सरकारी विभागों से आए 50 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अस्थिर सेवा-शर्तों, वेतन में असमानता, ठेका एजेंसियों की मनमानी, प्रशासनिक उपेक्षा तथा सुरक्षा मानकों के अभाव जैसे गंभीर मुद्दों को उठाया। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2026 कर्मचारियों के लिए “करो या मरो” की स्थिति वाला होगा, क्योंकि सरकार 2027 तक आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय कर चुकी है।
बैठक में सर्वसम्मति से 1 फरवरी को भोपाल में ‘हल्ला बोल’ आंदोलन करने और मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने का फैसला लिया गया। प्रमुख मांगों में सेवा-शर्तों का एकरूपी निर्धारण, नियमितीकरण नीति, न्यूनतम वेतन की गारंटी, ईपीएफ-ईएसआई का कड़ाई से पालन तथा ठेका प्रथा समाप्त कर विभागों में संविलियन शामिल हैं।
मोर्चा अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने सरकार पर बंधुआ मजदूरी जैसी व्यवस्था को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को चरणबद्ध और व्यापक रूप दिया जाएगा।
