सीहोर। हाउसिंग बोर्ड क्रासिंग पर बन रहे ओवरब्रिज ने विकास के बजाय इलाके में गंभीर जनस्वास्थ्य संकट खड़ा कर दिया है. निर्माण एजेंसी की लापरवाही से पेयजल और सीवेज लाइन बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही हैं, जिससे सीवेज का गंदा और बदबूदार पानी घरों के बोर में घुस गया है. हालात ऐसे हैं कि लोग न तो बोर का पानी इस्तेमाल कर पा रहे हैं और न ही उसे छूने की हिम्मत कर रहे हैं.
पुराने हाईवे के आसपास करीब 2000 से अधिक घर पिछले एक महीने से टैंकर का पानी खरीदने को मजबूर हैं. कई जगह सीवेज चैंबर ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह रहे हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ.
नगर पालिका का कहना है कि निर्माण एजेंसी ने बिना अनुमति काम शुरू किया और पेयजल व सीवेज लाइन शिफ्टिंग के लिए मांगी गई 86 लाख रुपए की राशि भी जमा नहीं कराई. लगातार बिगड़ती स्थिति और जनदबाव के बाद नगर पालिका ने ओवरब्रिज का निर्माण कार्य रुकवाकर एजेंसी के संसाधन जब्त किए हैं. नपा ने स्पष्ट किया है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
