नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर (वार्ता) राज्यसभा सांसद संतोष कुमार पी ने केरल के एक युवा आईटी पेशेवर आनंदू अजी की मृत्यु के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर उनके आरोपों के मद्देनजर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) के लोगों के खिलाफ जांच कराने का आग्रह किया है।
मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि श्री अजू ने आरएसएस के कईं नेताओं के खिलाफ यौन अपराध के गंभीर आरोप लगाए हैं और इस मामले की व्यापक तथा निष्पक्ष जांच होनी चाहिये।
श्री कुमार ने लिखा “श्री आनंदू अजी की आत्महत्या के दुखद कारणों, उनके अंतिम सोशल मीडिया पोस्ट में आरएसएस के नेताओं द्वारा यौन शोषण का खुलासा करने की तत्काल और व्यापक जांच की आवश्यकता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि श्री अजू ने आरोप लगाया है कि उनका यौन शोषण होना एक अकेला मामला नहीं है बल्कि आरएसएस के भीतर इस तरह का शोषण हो रहा है।
राज्यसभा सांसद ने इस मामले की समयबद्ध जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच विशेष जांच दल-एसआईटी हो या किसी दूसरी महत्वपूर्ण एजेंसी से करायी जानी चाहिए। जांच में श्री अजी की मौत के कारणों, परिस्थितियों और आरएसएस के भीतर यौन उत्पीड़न के दावों की भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा, “नामित किए गए सभी व्यक्तियों की गहन जांच की जानी चाहिए, और गवाहों की सुरक्षा, गोपनीयता बनाए रखने तथा इस मामले में आगे आने के इच्छुक लोगों को सहायता प्रदान की जानी चाहिए।” उन्होंने कहा कि जांच व्यक्तिगत दोष तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसमें आरएसएस और इससे संबद्ध संगठनों के भीतर होने वाले अपराध, धमकी और अपराधियों को संरक्षण देने की प्रवृत्ति की जांच को भी शामिल किया जाना चाहिए।

