सिंगरौली: नगर पालिक निगम सिंगरौली में चल रही राजनीतिक गतिविधियों के बीच कांग्रेस नेता एवं पार्षद अखिलेश सिंह ने शुक्रवार देर शाम पीडब्ल्यूडी उच्च विश्राम गृह, माजन मोड़ पर पत्रकारों से चर्चा कर अपना पक्ष रखा। यह घटनाक्रम नगर निगम अध्यक्ष देवेश पाण्डेय के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव से कुछ पार्षदों द्वारा नाम वापस लिए जाने के बाद सामने आया।
अखिलेश सिंह ने बातचीत के दौरान नगर निगम के कार्यप्रणाली, परिषद की बैठकों और पार्षदों की भूमिका से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि परिषद की साधारण सभा की बैठक लंबे समय से नहीं हो सकी है और कई विषयों पर पार्षदों से संवाद की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि स्पीकर के अविश्वास प्रस्ताव को लेकर उनसे सहयोग मांगा गया था, जिस पर उन्होंने कुछ शर्तों के साथ समर्थन की बात कही थी।इस अवसर पर उन्होंने नगर निगम की वर्तमान परिस्थितियों, वार्डों के विकास और राजनीतिक समन्वय से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में बंतो कौर, शेखर सिंह, रामगोपाल पाल, रविन्द्र सिंह और प्रेम सागर मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
अविश्वास प्रस्ताव से नाम वापस लेने वाले पार्षद
नगर निगम परिषद अध्यक्ष देवेश पाण्डेय के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए 20 पार्षदों ने कलेक्टर के समक्ष आवेदन दिया था। बाद में पार्षद शेखर, ओमप्रकाश, बंतो कौर, रामगोपाल पाल, बबली शाह, रूकुमुन देवी, श्यामला, अखिलेश सिंह एवं अर्चना विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से शपथ पत्र प्रस्तुत कर प्रस्ताव से अपने नाम वापस ले लिए। इनमें छह कांग्रेस तथा तीन आम आदमी पार्टी के पार्षद शामिल हैं। इस घटनाक्रम के बाद नगर निगम की राजनीति में हलचल देखी जा रही है।
