नयी दिल्ली, 03 जनवरी (वार्ता) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि महामना पंडित मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण को समर्पित किया और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को कर्म में जिया।
श्रीमती रेखा गुप्ता ने महामना मालवीय और श्री वाजपेयी का दिल्ली विधानसभा के सदन में चित्र लोकार्पण के बाद आयोजित कार्यक्रम में आज कहा, “ये चित्र केवल विधानसभा की दीवारों पर टंगे चित्र नहीं हैं, बल्कि भारत के वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शक प्रकाश स्तंभ हैं।”
उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण को समर्पित किया और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को कर्म में जिया। कॉफी टेबल बुक के विमोचन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु ऐसे महापुरुषों के आदर्शों का अनुसरण आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि इन चित्रों की स्थापना केवल अतीत को नमन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। महामना मालवीय और अटल बिहारी वाजपेयी की दृष्टि, समर्पण और सिद्धांत आज भी नागरिकों, विद्यार्थियों और नीति निर्धारकों का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी विरासत को सेवा, ईमानदारी और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के माध्यम से आगे बढ़ाना प्रत्येक भारतीय का दायित्व है।
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस दिन को विधानसभा के लिए गौरव और हर्ष का क्षण बताते हुए कहा कि दोनों भारत रत्न विभूतियाँ, जो 25 दिसंबर को जन्मी थीं-को 25 दिसंबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त रूप से भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
उन्होंने कहा कि आधुनिक भारत की आत्मा, दिशा और दृष्टि की कल्पना इनके योगदान के बिना संभव नहीं है। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना में मालवीय की भूमिका तथा केंद्रीय और विधान परिषद में उनके संसदीय योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अटल जी मानते थे कि शासन की शुरुआत समाज के गरीब, वंचित और पीड़ित वर्ग की चिंता से होनी चाहिए, एक ऐसा आदर्श जो आज भी सार्वजनिक नीति का मार्गदर्शन करता है।
वरिष्ठ पत्रकार एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र ट्रस्ट के अध्यक्ष राम बहादुर राय ने कहा कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन नैतिक संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी बौद्धिक, शैक्षिक और राष्ट्रीय विरासत आज भी भारत की सांस्कृतिक चेतना को दिशा दे रही है।
दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि ऐसे अवसर सार्वजनिक संस्थानों की उस जिम्मेदारी की पुनः स्मृति कराते हैं, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय एकता, लोकतांत्रिक आदर्शों और सांस्कृतिक चेतना की रक्षा करना निहित है।
