
मंदसौर। निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मंदसौर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना सहित दो आरोपियों को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले करीब एक वर्ष से फरार थे और तकनीकी दक्षता के चलते लगातार पुलिस को चकमा दे रहे थे।
पुलिस के अनुसार थाना व्हाय.डी. नगर के अपराध क्रमांक 002/25 में दर्ज प्रकरण में अजय राठौर (निवासी मल्हारगढ़) और आदित्य पालीवाल (निवासी पिपलिया मंडी) ने “क्रोलिक” नामक कंपनी बनाकर चैन सिस्टम के जरिए लोगों को 15 प्रतिशत रिटर्न का लालच दिया। शुरुआती दौर में कुछ निवेशकों को रिटर्न देकर विश्वास जीता गया और बाद में 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र कर कंपनी बंद कर आरोपी फरार हो गए।
मुख्य आरोपी अजय राठौर ने एथिकल हैकिंग का कोर्स किया हुआ था और फरारी के दौरान सिम रहित मोबाइल, प्रॉक्सी नेटवर्क और वर्चुअल लोकेशन जैसी तकनीकों का उपयोग कर रहा था। आरोपियों की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी और मैदानी जांच के आधार पर दोनों आरोपियों को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, एप्पल आईपैड, तीन मोबाइल फोन और एक महिंद्रा थार वाहन (कीमत लगभग 20 लाख रुपये) जब्त किया गया है। गबन की गई राशि, संपत्तियों और अन्य निवेश से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है।
मंदसौर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी लालच या बिना जांच-पड़ताल के किसी योजना या कंपनी में निवेश न करें और ठगी से बचने के लिए सतर्क व जागरूक रहें।
