
भोपाल: मध्यप्रदेश ने सायबर वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए वर्ष 2025 में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 के दौरान सायबर वित्तीय फ्रॉड से संबंधित कुल 55,659 शिकायतें प्राप्त हुईं। इन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुल 581 करोड़ रुपये की ठगी की राशि में से 137 करोड़ रुपये से अधिक की रकम को होल्ड/फ्रीज कराने में सफलता हासिल की।
इसके मुकाबले वर्ष 2024 में 58,643 शिकायतें दर्ज की गई थीं, जिनमें से केवल लगभग 47 करोड़ रुपये ही होल्ड किए जा सके थे। निरंतर प्रयासों और बेहतर समन्वय के चलते मध्यप्रदेश ने वर्ष 2024 में देश में 22वें स्थान से छलांग लगाते हुए अब सायबर फ्रॉड की राशि फ्रीज करने के मामले में हरियाणा, त्रिपुरा, गुजरात, दिल्ली और राजस्थान के बाद छठा स्थान प्राप्त किया है।
यह उपलब्धि राज्य सायबर पुलिस और जिला पुलिस इकाइयों द्वारा उठाए गए कई ठोस कदमों का परिणाम है। वर्ष 2017 से 2025 के बीच 26,200 से अधिक ऑनलाइन व ऑफलाइन सायबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 21 करोड़ से अधिक नागरिकों को जागरूक किया गया। “सेफ क्लिक” सायबर जागरूकता अभियान और अक्टूबर 2025 में आयोजित राष्ट्रीय सायबर सुरक्षा जागरूकता माह ने भी जनभागीदारी को व्यापक बनाया।
इसके अलावा, सायबर हेल्पलाइन 1930 के उन्नयन, राज्य सायबर वित्तीय प्रबंधन प्रकोष्ठ (SCFMC) के गठन, नई दिल्ली स्थित सायबर फ्रॉड मिटीगेशन सेंटर में अधिकारियों की तैनाती तथा जिला सायबर टास्क फोर्स के गठन जैसे संस्थागत उपाय किए गए। ऑपरेशन नयन, ऑपरेशन फास्ट और ऑपरेशन मैट्रिक्स जैसे अभियानों के तहत सायबर अपराधियों, म्यूल अकाउंट धारकों और फर्जी सिम नेटवर्क के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की गई।
इन संयुक्त प्रयासों से यह स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश सायबर अपराधों पर नियंत्रण और नागरिकों के वित्तीय हितों की सुरक्षा के लिए अपनी क्षमता लगातार मजबूत कर रहा है।
