नई दिल्ली/लखनऊ, 31 दिसंबर, 2025: उत्तर प्रदेश की राजनीति में मकर संक्रांति के बाद बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई कोर कमेटी की मैराथन बैठक के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी अचानक दिल्ली रवाना हो गए हैं। इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई। माना जा रहा है कि पार्टी अब ‘अदला-बदली’ के फॉर्मूले पर काम कर रही है, जिसके तहत संगठन के प्रभावी चेहरों को सरकार में शामिल किया जाएगा और कुछ मंत्रियों को संगठन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
वर्तमान में यूपी मंत्रिमंडल में 54 मंत्री हैं, जबकि नियमों के मुताबिक 60 तक संख्या हो सकती है। जितिन प्रसाद और अनूप प्रधान के सांसद बनने के बाद से रिक्त पड़े पदों को भरने के साथ-साथ कई नए चेहरों को मौका मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, निवर्तमान अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शानदार प्रदर्शन करने वाले कुछ मंत्रियों को कैबिनेट रैंक पर प्रमोट करने की भी योजना है, ताकि प्रशासनिक कामकाज में और अधिक तेजी लाई जा सके।
इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधना है। पार्टी का मानना है कि वर्तमान में पूर्वांचल का प्रतिनिधित्व अधिक है, इसलिए आगामी विस्तार में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और ब्रज क्षेत्र के नेताओं को विशेष तरजीह दी जाएगी। पंकज चौधरी दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के सामने कोर कमेटी के प्रस्ताव रखेंगे, जिसके बाद अंतिम सूची पर मुहर लगेगी। इसके साथ ही विभिन्न आयोगों और बोर्डों के खाली पदों को भी जल्द भरकर कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा देने की तैयारी है।

