इंदौर: शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई से चार लोगों की मौत और कई के बीमार होने की घटना ने पूरे शहर में दहशत फैला दी है. यह हादसा केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर की पूरी जल सप्लाई और सीवरेज व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है.गौरतलब है कि सीवरेज लाइनों की जर्जर हालत, बार-बार ओवरफ्लो और पीने के पानी में गंदगी मिलने की आशंका को लेकर पिछले वर्षों में ‘नवभारत’ द्वारा कई बार खबरें प्रकाशित कर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को मामले से अवगत कराया जाता रहा है.
इसके बावजूद न तो समय रहते ठोस सुधार किए गए और न ही स्थायी समाधान निकाला गया. भागीरथपुरा की घटना के बाद शहर के अन्य इलाकों में भी लोग पीने के पानी को लेकर आशंकित हैं. कई क्षेत्रों में लोग उबला या दवा डालकर पानी उपयोग करने को मजबूर हैं, वहीं अस्पतालों में पेट संबंधी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं. सवाल यह है कि जब जानकारियां पहले से मौजूद थीं तो प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की? अब जनता की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच बैठाई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर शहरवासियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए.
यह बोले शहरवासी…
भागीरथपुरा की घटना के बाद आसपास के क्षेत्र के लोग दहशत में हैं. लोग पीने का पानी टैंकर से नहीं ले रहे हैं. सुबह से लेकर शाम तक पानी के भरे हुए टैंकर खड़े रहे.
– नवीन कुमार बेनवाल, परदेसीपुरा
सीवरेज का गंदा पानी पेयजल की पाइप लाइन में मिक्स होकर घरों तक पहुंचता है. यह आम बात है, जिसकी शिकायत करने के बावजूद कोई निराकरण नहीं हो पाता है. मजबूरन लोगों को वही पानी पीना पड़ता है.
– अंकित मगरे, संयोगितागंज
घटना बड़ी दुःखद है. घटना होने के बाद ही शासन-प्रशासन क्यों जागता है. पहले से उसको दुरुस्त कर देना चाहिए था, ताकि कोई जनहानि ना हो सके. अब जो हुआ, उसका जिम्मेदार कौन?
– रेहान खान, खजराना
