
शुजालपुर। दो दिवस पूर्व बामनघाट के समीप रिछोदा के जंगल में दिखाई दिया तेंदुआ, मंगलवार को चितोडा व शुजालपुर सिटी के मध्य खेत में काम कर रहे ग्रामीणों को नजर आया, जिसकी सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जहां पर लहसुन के गीले खेत में तेंदुए के पेरों के निशान दिखाई दिए. यह तेंदुआ तीन चार दिनों से शुजालपुर के आसपास दिखाई दे रहा है, जिसके कारण ग्रामीणों में दहशत है, इस तेंदुए ने वन्य जीव का शिकार भी किया.
वन अमले से मिली जानकारी अनुसार मंगलवार की सुबह बामनघाट बांध के समीप तेंदुए के पैरों के निशान खेत में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद वन विभाग शुजालपुर रेंजर रतनसिंह सिंगोड, राजेश कुमार जावरिया, देवेन्द्र मगोरिया, हरिशचन्द्र सक्सेना, अजय देशमुख, अशोक देवडा ने तेंदुए के विचरण क्षेत्रों में सघन खोज की, जहां दोपहर तक सर्चिंग की गई. उधर दोपहर में इस टीम को जानकारी मिली कि तेंदुआ चितोडा व शुजालपुर के बीच दुध शीत केन्द्र के समीप नजर आया है, जहां टीम पहुंची तो खेत में काम कर रहे एक ग्रामीण ने तेंदुआ दिखाई देने की बात कही. यह तेंदुआ लहसुन के खेत से होते हुए रायडे के खेत में घुसता हुआ ग्रामीण को नजर आया था. वन विस्तार अधिकारी शुजालपुर रतनसिंह सिंगोड ने बताया कि लहसुन का खेत गीला था जहां पर तेंदुए के पैरों के निशान दिखाई दिए. साथ ही हिरणों के भी पग मार्क मिले है, इस स्थल पर शाम तक सर्चिंग की गई लेकिन कोई सफलता नहीं मिली. क्षेत्र के ग्रामीणों से सर्तक रहने की अपील की गई है, साथ ही वरिष्ठ कार्यालय को सूचना देते हुए रेस्क्यू टीम के साथ संसाधन उपलब्ध कराने की भी मांग की गई.
सोशल मीडिया पर चलती रही अफवाह…
पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में तेंदुए की मूवमेंट होने की जानकारी के बाद अफवाह का भी दौर जारी है. मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक फोटों वायरल होता रहा, जिसमें सिटी के आबादी क्षेत्र में पचोर मार्ग पर तेंदुआ जाता हुआ दिखाई देने का शीर्षक लिखा हुआ था, हालांकि यह फोटों पड़ताल में फेक निकला. इस फोटों में दिखाए गए स्थान पर लगे कैमरों को तलाशा तो ऐसा कोई दृश्य कैमरों में कैद नहीं हुआ. साथ ही फोटों पर लिखी गई तारीख व समय भी एआई के माध्यम से बनाई गई प्रतित हुई.
