इंदौर : सोमवार को इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में अचानक 35 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई।
बीमार लोगों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और जी मिचलाने जैसे गंभीर लक्षण देखे गए, जिसके बाद सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक यह समस्या 24 दिसंबर से लगातार बनी हुई है।
अब तक करीब 150 लोग दूषित पानी की चपेट में आ चुके हैं।
हालांकि राहत की बात यह है कि सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सोमवार देर रात अस्पताल पहुंचे और मरीजों का हालचाल जाना।
इस दौरान उनके साथ विधायक रमेश मेंदोला और महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी मौजूद रहे।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि दूषित पानी की वजह से यह स्थिति कैसे बनी, इसकी गहन जांच कराई जाएगी।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता सभी प्रभावित लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
इस बीच जनप्रतिनिधियों ने भागीरथपुरा के निवासियों से अपील की है कि वे एहतियात के तौर पर केवल उबला हुआ पानी ही पिएं और नल के पानी का सीधे उपयोग न करें।
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही हैं और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
