
इंदौर. शहर के बाहरी क्षेत्र से गुजरने वाला बायपास एक बार फिर शनिवार को भीषण जाम की चपेट में आ गया . देवगुराड़िया से लेकर पीपलिहाना तक करीब 8 किलोमीटर लंबी गाड़ियों की कतार लग गई, जिससे लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा. यह स्थिति ठीक वैसी ही रही जैसी शुक्रवार को देखी गई थी, जब इसी जाम में फंसकर दो लोगों की मौत हो गई थी.
शनिवार को सुबह से ही भारी वाहन, निर्माण सामग्री से लदे ट्रक और आम यात्री वाहन बायपास पर रेंगते नजर आए. कई जगह जलभराव और बायपास चौड़ीकरण कार्य के चलते ट्रैफिक पूरी तरह जाम हो गया. मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि प्रशासन की ओर से हालात सुधारने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीन पर कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आया.
जिला प्रशासन द्वारा शुक्रवार की घटना के बाद क्विक रिस्पॉन्स टीमें क्यूआरटी तैनात की गई थीं, लेकिन शनिवार को भी यह टीमें जाम से निपटने में नाकाम साबित हुईं. कई जगहों पर एंबुलेंस, दवाइयों की गाड़ियां और जरूरी सेवाओं से जुड़ी गाड़ियां भी घंटों फंसी रहीं.
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एनएचएआई की ओर से निर्माण कार्य के कारण मार्ग संकरा हो गया है और बारिश के चलते जल निकासी की समस्या ने हालात को और बिगाड़ दिया है. भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग की सलाह दी गई है, लेकिन उन रास्तों पर भी ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शुक्रवार को जिन दो लोगों की जान गई, उससे कोई सबक नहीं लिया, आज भी वही हालात हैं. अगर कोई मरीज होता तो फिर एक और जान जा सकती थी.
प्रशासन अब सोमवार को एक समीक्षा बैठक करने जा रहा है, जिसमें बायपास पर ट्रैफिक नियंत्रण, निर्माण कार्य की गति और मानसून की तैयारी को लेकर निर्णय लिए जाएंगे. लेकिन तब तक सवाल यही है कि क्या बायपास को फिर किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार है?
