30 किमी पैदल चलकर एसडीएम कार्यालय पहुँचे ग्रामीण, सडक़ निर्माण की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

ब्यावरा: मलावर क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध पनियारा आश्रम मार्ग की हो रही बदहाली तथा इससे आवागमन में राहगीरों को होने वाली दिक्कतों को लेकर सोमवार को आश्रम से पैदल चलकर बड़ी संख्या में ग्रामीणजनों ने ब्यावरा एसडीएम कार्यालय आकर सडक़ निर्माण को लेकर ज्ञापन सौपा.गौरतलब है कि मलावर क्षेत्र में प्रसिद्ध पनियारा आश्रम है जो कि श्रद्धालुओं की आस्था का मुख्य केन्द्र बिंदु है. आश्रम पर बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी नागरिकों का आना-जाना होता है, किंतु आश्रम पहुंचने के लिए 8 से 9 किमी का मार्ग बहुत बुरी दयनीय स्थिति में है. सडक़ की बदहाली के कारण आश्रम तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक आने-जाने में बहुत ही परेशानी का सामना राहगीरों को करना पड़ता है.
तीन किमी का रास्ता पूरी तरह उखड़ा
वैसे तो 8 से 9 किमी की सडक़ बुरी तरह उखड़ चुकी है. तवडिया जोड़ से पनियारा आश्रम तक काफी जर्जर मार्ग है. इस रास्ते से होकर ही ग्राम खजूरखाड़ी, जोधपुर, जेमलपुरा पहुंचा जा सकता है, किंतु खजूरखाड़ी से पनियारा आश्रम तक तो सडक़ ही नहीं बची है. इस मार्ग पर तीन-चार नाले आते है जिन पर पुलिया तक नही होने से बारिश के दिनों में भारी दिक्कतों का सामना राहगीरों को करना पड़ता है.
जनहित में पदयात्रा निकालने का निर्णय
काफी प्रयासों के बाद भी जब सडक़ निर्माण नहीं हुआ तो मार्ग की बदहाली के विरोध में आखिरकार ग्रामीणजनों द्वारा सडक़ निर्माण को लेकर पनियारा आश्रम से ब्यावरा एसडीएम कार्यालय तक जनहित में पैदयात्रा निकालने का निर्णय लिया. सोमवार को पनियारा आश्रम से करीब 30 किमी पैदल चलकर ग्रामीणजन ब्यावरा एसडीएम कार्यालय पहुंचे. जहां ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द सडक़ निर्माण की मांग की. पदयात्रा में खजूरखाड़ी, जेमलपुरा, जोतपुर, मलावर मलावर, गुंजारी, चुकलिया, आगर, आगरी खेड़ी, मलावारी, सागपुर, गोकुलपुर सहित ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए.
आस्था का मुख्य केन्द्र प्राचीन आश्रम
मुख्यमंत्री सडक़ योजना में स्वीकृत खजूरखाड़ी (पनियारा) आश्रम मार्ग को प्रधानमंत्री सडक़ योजना में परिवर्तित कर शीघ्र निर्माण कराने हेतु कहा गया है. ज्ञापन में कहा है कि पनियारा आश्रम मार्ग की स्थिति अत्यंत बदहाल हो चुकी है, तीन गांवों का दैनिक आवागमन इसी मार्ग से होता है. उक्त मार्ग पूर्व में मुख्यमंत्री सडक़ योजना के अंतर्गत स्वीकृत किया जा चुका है, नियमानुसार मुख्यमंत्री सडक़ योजना की सडक़ 5 वर्ष पश्चात प्रधानमंत्री सडक़ योजना में परिवर्तित की जाती है, किंतु यह मार्ग निर्धारित समयावधि पूर्ण होने के बावजूद आज तक प्रधानमंत्री सडक़ योजना में सम्मिलित नहीं किया गया है, जिससे सडक़ निर्माण कार्य लंबित पड़ा हुआ है. मार्ग की खराब स्थिति के कारण क्षेत्रवासियों को निम्न गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
बारिश में होती है भारी परेशानी
ज्ञापन में बताया गया है कि बारिश के दिनों में स्कूल की गाडिय़ां कीचड़ होने से गांव तक नहीं पहुंच पाती है. मरीजों को समय पर अस्पताल ले जाना अत्यंत कठिन हो जाता है. श्रद्धालुओं को अपने वाहन लगभग एक किलोमीटर दूर खड़े कर पैदल आश्रम तक आना पड़ता है. मकर सक्रांति, श्रावण मास सहित वर्ष भर हजारों श्रद्धालु इस मार्ग से आवागमन करते है. इसके बावजूद सडक़ निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. पूर्व में कई बार संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को अवगत कराया गया, परंतु केवल आश्वासन ही प्राप्त हुए. जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा.

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