एशिया कप जीत भारतीय हॉकी में सबसे बड़ी उपलब्धि, लीग दर्शकों में 48 प्रतिशत का इजाफा

नयी दिल्ली, (वार्ता) वर्ष 2025 भारतीय हॉकी के लिए मिला-जुला रहा, साल की शुरुआत अच्छी रही, सात साल के अंतराल के बाद जनवरी में हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) की वापसी हुई, इसमें मुख्य आकर्षण रहा चार फ्रेंचाइजी वाली महिला हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) की शुरुआत। इस लीग को टीवी और ऑनलाइन पर अनुमानन चार करोड़ आठ लाख दर्शक मिले जो 2017 सीजन की तुलना में 48 प्रतिशत अधिक है। एशिया कप का खिताब जीतना भारतीय हॉकी सबसे बड़ी उपलब्धि रहीं।

साल का सबसे बड़ा पल साफ तौर पर राजगीर में भारतीय पुरुष टीम की एशिया कप 2025 जीत थी। यह भारत की चौथी एशिया कप जीत थी, इससे पहले वे 2003, 2007, 2017 में चैंपियन बन चुके हैं। इस टूर्नामेंट में सिर्फ दक्षिण कोरिया ही ज़्यादा सफल रहा है, जिसने इसे पांच बार जीता है। कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप में जीत का मतलब यह भी था कि भारत अगले साल अगस्त में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर गया, जिसकी मेजबानी बेल्जियम और नीदरलैंड मिलकर करेंगे।

एचआईएल 2025-26 सीजन का प्रसारण भी विभिन्न प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा, जिसमें दूरदर्शन स्पोर्ट्स, सोनी स्पोर्ट्स 3 (हिंदी) और सोनी स्पोर्ट्स 1 पर लाइव प्रसारण शामिल है। जबकि लाइव स्ट्रीमिंग प्रसार भारती के ओटीटी प्लेटफॉर्म, एचआईएल यूट्यूब चैनल और वेब पर की जाएगी।

हालांकि, इस साल की ‘छोटी नीलामी’ से पहले, यूपी रुद्र, टीम गोनासिका और महिला टीम ओडिशा वॉरियर्स (2024-25 सीजन की विजेता) सभी ने नाम वापस ले लिया। यूपी रुद्र ने अपने फैसले के पीछे ‘वित्तीय अस्थिरता’ बताया है, जबकि टीम गोनासिका और ओडिशा वॉरियर्स ने नाम वापस लेने के लिए “निजी कारणों” का हवाला दिया।

रांची रॉयल्स लीग की सबसे नई फ्रेंचाइजी है, जो 2026 एचआईएल सीजन के लिए टीम गोनासिका (पुरुष) और ओडिशा वॉरियर्स (महिला) की जगह लेगी। आगामी सीजन में यूपी रुद्र की जगह लेने के लिए एचआईएल गवर्निंग काउंसिल टीम का गठन किया गया है। यह काम चलाऊ व्यवस्था की गई है, लेकिन जब तक लीग फ्रेंचाइजी मालिकों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद नहीं होगी, तब तक यह टिकाऊ नहीं होगी।

हालांकि, नवंबर में मलेशिया में हुए 31वें सुल्तान अजलान शाह कप में भारत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा, वे बेल्जियम से 0-1 से हारकर दूसरे स्थान पर रहे। भारत ने सुल्तान अजलान शाह कप पांच बार जीता है- 1985, 1991, 1995, 2009, 2010, जबकि चार बार उपविजेता रहा- 2008, 2016, 2019, 2025। वे 10 बार के विजेता ऑस्ट्रेलिया के बाद इस प्रतियोगिता में दूसरी सबसे सफल टीम हैं।

मुख्य कोच क्रेग फल्टन की नजरें बड़ी तस्वीर पर हैं, क्योंकि उन्होंने सुल्तान अजलान शाह कप और दक्षिण अफ्रीका के छोटे दौरे का इस्तेमाल नए खिलाड़ियों को आजमाने और आने वाले वर्ष में होने वाले बड़े टूर्नामेंट्स को ध्यान में रखते हुए नई रणनीतियों के लिए किया। 2026 भारतीय हॉकी के लिए एक अहम साल होगा क्योंकि इस दौरान विश्व कप और एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट खेले जाएंगे। इन टूर्नामेंट्स में सफलता देश में हॉकी को आगे बढ़ाएगी, जबकि खराब प्रदर्शन पेरिस ओलंपिक के बाद मिली सकारात्मक गति को खत्म कर देगा।

सबसे बड़ी चिंता महिला राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन को लेकर होगी – खराब नतीजों की एक श्रृंखला के बाद, टीम एफआईएच प्रो लीग से एफआईएच नेशंस लीग में डिमोट हो गई।

टीम महिला एशिया कप का फाइनल चीन से 1-4 से हार गई, जिससे बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले 2026 एफआईएच महिला विश्व कप के लिए सीधे क्वालिफिकेशन से चूक गई। टीम को अब विश्व कप क्वालिफायर पर निर्भर रहना होगा, जो आठ से 14 मार्च तक हैदराबाद में होंगे। इससे पहले दिसंबर में मुख्य कोच हरेंद्र सिंह ने लगभग 20 महीने के कार्यकाल के बाद भाई-भतीजावाद के आरोपों के बीच इस्तीफा दे दिया था। महिला टीम के पास एचआईएल के बाद विश्व कप क्वालिफायर आने तक नए कोच के तहत तैयारी करने के लिए बहुत कम समय होगा।

 

 

 

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