
सिंगरौली। सुबह के 6 बजे थे, ऊर्जाधानी सिंगरौली की सड़कें दिखाई नहीं दे रही थी, बल्कि महसूस की जा रही हैं। कोहरा इतना घना है कि सामने चल रहा व्यक्ति भी महज 5 मीटर बाद गायब हो जा रहा है। मुख्य मार्ग हों या कॉलोनियों की गलियां हर तरफ सफेद धुंध की मोटी चादर पसरी हुई है। वाहन चालकों की रफ्तार खुद-ब-खुद थम गई है, हेडलाइट जलाने के बावजूद आगे कुछ साफ नजर नहीं आ रहा।
ग्राउंड पर मौजूद हालात बता रहे हैं कि ठंड ने लोगों की हिम्मत तोड़ दी है। सुबह टहलने निकलने वाले लोग आज घरों में दुबके रहे। जो मजबूरी में बाहर निकले, वे कई परत कपड़ों में लिपटे हुए दिखाई दिए। ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान जिला मुख्यालय बैढ़न में आज दिन रविवार की सुबह 10 बजे तक भी सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। वहीं चितरंगी क्षेत्र के तराई अंचल में 11 बजे दिन तक सूर्य देवता के दर्शन करने के लिए लोग आसमान में टकटकी लगाये हुये थे। ऐसा लग रहा था मानो सूरज भी ठंड के आगे हार मान चुका हो। पेड़ों की पत्तियों, छतों और खड़ी गाड़ियों से लगातार ओस टपकती रही। वातावरण में नमी इतनी ज्यादा थी कि ठंड और ज्यादा चुभती महसूस हुई। वहीं कोहरे एवं गलन भरी ठण्ड के चलते ग्राउंड पर बाजारों का हाल भी सामान्य नहीं रहा। जहां सुबह से चहल-पहल रहती है, वहां आज सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदार अलाव के सहारे बैठे नजर आए, ग्राहक न के बराबर दिखे और काम पर निकलने वाले लोग ठंड से परेशान नजर आए। बुजुर्गों और बच्चों को घर से बाहर निकलने से रोक दिया गया।
कोहरे में सफर बना जोखिम, दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा
वाहन चालकों ने जताई चिंता, सतर्कता की जरूरत
ग्राउंड रिपोर्ट में वाहन चालकों ने बताया कि कोहरे के कारण यात्रा करना बेहद खतरनाक हो गया है। सड़कों के मोड़ और सामने से आने वाले वाहन आखिरी समय पर नजर आते हैं। जरा सी चूक बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि सुबह और रात के समय अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। वहीं मौसम विभाग के संकेतों के मुताबिक आने वाले दिनों में ऊर्जाधानी सिंगरौली में ठंड और कोहरा और ज्यादा गहराने वाला है। ऐसे में आमजन को सावधानी बरतने की जरूरत है।
