
भोपाल। समाज में बेटियों और महिलाओं के साथ होने वाले अपराध को रोकने के लिए पुलिस के साथ ही समाजसेवी संगठन भी कंधे से कंधा मिला कर चल रहे हैं. स्कूल, कालेजों में पढ़ने वाली बेटियों के साथ ही अन्य महिलाओं को गीता के ज्ञान देते हुए उन्हें आत्मरक्षा के गुर सिखाए जा रहे हैं. प्रदेश स्तर पर यह कार्य लगातार किया जा रहा है. गीता परिवार और प्रयास समाजसेवी संस्थाएं इस दिशा में लगातार प्रयासरत है.
राजधानी भोपाल में संचालित स्कूलों और कालेजों में पढ़ने वाली बेटियों को प्रशिक्षण देने की तैयारी की जा रही है. समाजसेवी साहिल श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश स्तर पर सभी लड़कियों और महिलाओं के लिए विभिन्न जिलों में निःशुल्क संस्कार और आत्मरक्षण और स्वस्थकाया प्रशिक्षण शिविर आयोजित होने जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि स्वयंसेवी संस्थान के सामूहिक सहयोग से कार्यशाला आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य बच्चियों में भारतीय संस्कारों के साथ-साथ आत्मरक्षा के लिए लट्ठबाजी, योग, गीता ज्ञान और स्वस्थ काया के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाना है.
बच्चियों को कोशिश एक बदलाव की थीम पर स्वयं सेवी संस्था की तरफ से समर कैंप में लाठी चलाना, गीता ज्ञान और संस्कार की शिक्षा साथ ही तायकंडो, तलवारबाजी और योग का प्रशिक्षण दिया जाता है.
साहिल ने बताया कि इस प्रशिक्षण के लिए प्रदेश के अनेक विद्यालय और महाविद्यालयों में इसको लेकर बातचीत की गई है. ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान इन शिवरों का आयोजन किया जाना है. गीता परिवार की तरफ प्रमिला दीदी ने कहा कि भारतीय संस्कार को जिंदा रखने के लिए यह प्रशिक्षण अभियान प्रत्येक भारतीय के लिए है. आज के बच्चों में शास्त्र और शस्त्र दोनों का ज्ञान होना आवश्यक है, तभी देश सुरक्षित हो सकता है.
