इंदौर: कमीशन के चक्कर में युवाओं के बैंक खाते किराये पर लेकर साइबर ठगी की रकम विदेश भेजने वाले संगठित गिरोह का एरोड्रम पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके जरिए ठगी की राशि क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर चीनी कंपनियों तक पहुंचाई जा रही थी।थाना प्रभारी वरुण सिंह भाटी ने बताया कि मामला कृष्णबाग कॉलोनी निवासी सलोनी नांदेकर की शिकायत से सामने आया, जिन्हें शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने 1 लाख 63 हजार 600 रुपये की चपत लगा दी थी।
इस पर एरोड्रम थाने में अपराध क्रमांक 907/25, धारा 318(4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। बैंक ट्रांजैक्शन की तकनीकी पड़ताल में पुलिस को एक संगठित नेटवर्क के संकेत मिले। जांच के दौरान सबसे पहले खाताधारक तोफिक रहमानी निवासी नूरानी नगर को पकड़ा गया, जिसने कमीशन के बदले अपने और अपने भाई के बैंक खाते उपलब्ध कराने की बात कबूली। उसकी निशानदेही पर नेटवर्क संचालक हिमांशु वर्मा को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद फरहान, जितेंद्र रावल और प्रवीण चौहान को भी हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी युवाओं को “घर बैठे कमाई” और कमीशन का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। साइबर ठगी, अवैध गेमिंग और फर्जी निवेश से आई रकम इन खातों में मंगवाई जाती थी और तुरंत यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेज दी जाती थी, जिससे रकम का सुराग न लगे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से विभिन्न बैंकों के 15 एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जा रहा है, ताकि कुल लेन-देन की राशि और गिरोह के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का खुलासा किया जा सके।
