मंडला: मंडला जिले में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते तीन दिनों में जहां सुकतरा और कन्हारी ग्रामों में कई लोग घायल हुए थे, वहीं अब बिनेका और खैरी गांवों में सुबह पागल कुत्तों ने आधा दर्जन महिला, पुरुष और बच्चों को बुरी तरह लहूलुहान कर दिया। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भय और नाराजगी व्याप्त है।ग्रामवासियों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद न तो स्थानीय प्रशासन और न ही नगर पालिका कोई ठोस कदम उठा रही है।
हर वर्ष बढ़ती कुत्तों की संख्या अब जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। गलियों और मार्गों पर कुत्तों के झुंड खुले आम घूमते रहते हैं, जिससे सुबह मॉर्निंग वॉक करने वाले लोग अब हाथों में डंडा लेकर निकलने को मजबूर हैं।जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमित कुत्तों के काटने से रेबीज और संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ सकता है। इसके बावजूद नगर पालिका और पशु चिकित्सा विभाग की निष्क्रियता सवालों के घेरे में है। आमजन प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि गांवों और शहरों को इस भय से राहत मिल सके।
