काठमांडू | नेपाल के संसदीय चुनावों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने अभूतपूर्व सफलता हासिल करते हुए स्पष्ट बहुमत प्राप्त कर लिया है। प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली (FPTP) की सभी 165 सीटों की मतगणना पूरी होने के साथ ही आरएसपी ने 125 सीटों पर कब्जा जमाया है। आनुपातिक मतदान प्रणाली के रुझानों को मिलाकर 275 सदस्यीय सदन में आरएसपी की कुल सीटें 175 तक पहुँचने की संभावना है। इस जीत के साथ ही आरएसपी अध्यक्ष रवि लामिछाने ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि “विकास केंद्रित कूटनीति” के माध्यम से भारत और नेपाल के द्विपक्षीय संबंध एक नए युग में प्रवेश करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रवि लामिछाने और बालेंद्र शाह को उनकी ऐतिहासिक जीत पर शुभकामनाएं देते हुए साझा समृद्धि के लिए काम करने की प्रतिबद्धता जताई है। लामिछाने ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी सरकार आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित रिश्तों को प्राथमिकता देगी। नई सरकार भारत के साथ कनेक्टिविटी, सांस्कृतिक पर्यटन, ऊर्जा क्षेत्र और व्यापारिक समझौतों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की इच्छुक है। बालेंद्र शाह का प्रधानमंत्री बनना नेपाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि वे देश के पहले मधेसी और सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री होंगे।
नेपाल निर्वाचन आयोग के अनुसार, प्रत्यक्ष मतदान में नेपाली कांग्रेस को 18 और सीपीएन-यूएमएल को केवल 9 सीटें मिली हैं, जिससे आरएसपी अब अकेले दम पर अनुच्छेद 76(1) के तहत सरकार बनाने की स्थिति में है। आनुपातिक प्रणाली (PR) की मतगणना भी अंतिम चरण में है, जहाँ आरएसपी को अब तक लगभग 50 लाख वोट मिल चुके हैं। रवि लामिछाने ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी लोकतांत्रिक जनादेश का सम्मान करते हुए भ्रष्टाचार मुक्त शासन और आर्थिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित करेगी। भारत ने भी पड़ोसी देश में लोकतंत्र की इस मजबूती का स्वागत किया है और संयुक्त प्रयासों से संबंधों को नए आयाम देने की बात कही है।

