चंदेरी: नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में हालात बदतर होते जा रहे हैं। जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं और पूरे नगर में गंदगी का माहौल बना हुआ है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं, शहर की पहचान रहे पर्यटन उद्योग पर भी इसका नकारात्मक असर देखने को मिल रहा है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
इसी आक्रोश के चलते नगरवासियों ने गंदगी के विरोध में जन आक्रोश रैली निकाली।
इस दौरान व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर समर्थन जताया। रैली जयस्तंभ स्थित पुराने बस स्टैंड से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए तहसील कार्यालय पहुंची। खास बात यह रही कि रैली में लोग किसी राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं, बल्कि जागरूक नागरिक के रूप में शामिल हुए।तहसील कार्यालय पहुंचकर नागरिकों ने एसडीएम मनीष धनगर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें सफाई व्यवस्था बहाल करने और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
एसडीएम ने लोगों की बात सुनते हुए शीघ्र उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।वहीं, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त कराने के लिए 29 मार्च को विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, एसडीएम, तहसीलदार दिलीप दरोगा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रदीप शर्मा और नगरपालिका अध्यक्ष संतोष कोली की मौजूदगी में बैठक हुई, लेकिन यह बेनतीजा रही।नगरपालिका का कहना है कि स्वीकृत 79 पदों के मुकाबले 123 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। साथ ही, अनुपस्थित रहने वाले 17 कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है। फिलहाल हड़ताल जारी है और शहर में सफाई व्यवस्था कब तक पटरी पर लौटेगी, यह देखना बाकी है।
