इंदौर :जिले में राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और परिणामोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर शिवम वर्मा ने आज राजस्व अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। कलेक्टर कार्यालय में आयोजित इस बैठक में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फार्मर रजिस्ट्री, स्वामित्व योजना, लोक सेवा गारंटी अधिनियम तथा सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों की अधिकारीवार प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि राजस्व प्रकरणों का निराकरण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और समय-सीमा में होना चाहिए, लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।बैठक में अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार, रोशन राय, रिंकेश वैश्य तथा निशा डामोर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्य के साथ-साथ राजस्व प्रकरणों के निराकरण पर भी समान प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्राप्त राजस्व आवेदनों का अनिवार्य रूप से पंजीयन किया जाए, कोई भी आवेदन दर्ज होने से शेष न रहे। साथ ही, जिन प्रकरणों में आदेश पारित किए जाते हैं, उनका पालन सुनिश्चित करते हुए उन्हें राजस्व अभिलेखों में समय पर दर्ज किया जाए।
कलेक्टर श्री वर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि अब राजस्व प्रकरणों की मासिक समीक्षा की जाएगी और इसके लिए प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित होगी। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने अधीनस्थ न्यायालयों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए तथा शासकीय भूमि से संबंधित प्रकरणों में न्यायालय के समक्ष शासन का पक्ष मजबूती से रखने पर जोर दिया, ताकि निर्णय शासन के हित में सुनिश्चित किए जा सकें।
सीएम हेल्पलाइन की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी प्रतिदिन आवेदनों को देखें और हर हाल में उनका समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान उन्होंने रेंडम आधार पर निराकृत प्रकरणों की गुणवत्ता की भी जांच की, ताकि वास्तविक समाधान की स्थिति स्पष्ट हो सके।राजस्व वसूली को लेकर कलेक्टर ने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने बड़े बकायादारों की सूची तैयार कर उनसे संपर्क व संवाद के माध्यम से वसूली में तेजी लाने, डायवर्सन वसूली पर विशेष ध्यान देने तथा बिना सूचना के भूमि उपयोग परिवर्तन करने वालों की पहचान कर डायवर्सन टैक्स की मांग कायम करने के निर्देश दिए। संभावित भूमि उपयोग से संबंधित जानकारी एकत्र करने पर भी जोर दिया गया।
