जबलपुर: स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान की तैयारियों को परखने और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने शनिवार को नगर निगम वर्कशॉप का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दो-टूक शब्दों में अधिकारियों को चेतावनी दी कि 1 जनवरी से कचरा गाड़ियों के संचालन को लेकर कोई भी बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस दौरान निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि कचरा गाड़ियों की फिटनेस और उनकी कार्यप्रणाली की जिम्मेदारी अब केवल वर्कशॉप विभाग की नहीं होगी। बल्कि मुख्य स्वच्छता निरीक्षकों को भी अब मैदान में उतरना होगा। जारी निर्देशों के मुताबिक प्रत्येक मुख्य स्वच्छता निरीक्षक प्रतिदिन गाड़ियों की स्थिति की लिखित रिपोर्ट सहायक स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपेंगे। जमीनी समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारी आपस में निरंतर संपर्क में रहेंगे।
जिंगल और डस्टबिन अनिवार्य
स्वच्छता के मानकों को पूरा करने के लिए निगमायुक्त ने गाड़ियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए है। उन्होने कचरा अलग-अलग करने के लिए हर गाड़ी में 5 डस्टबिन होना अनिवार्य किया है। यदि कोई ड्राइवर मनमानी करता है या रूट का पालन नहीं करता, तो उसे तत्काल कार्य से हटाया जाएगा। गाड़ियों के मीटर चालू होने चाहिए और कचरा संग्रहण के दौरान स्वच्छता जिंगल लगातार बजना चाहिए।
