
छतरपुर। पंजाब के रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर मोहित महाजन के साथ महामना एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में चोरी की घटना सामने आई है। यह घटना भोपाल से खजुराहो की यात्रा के दौरान टीकमगढ़ और छतरपुर रेलवे स्टेशन के बीच हुई। पीड़ित ने इस संबंध में छतरपुर जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
मोहित महाजन केरल के कोल्लम से खजुराहो घूमने आ रहे थे। भोपाल से उन्होंने महामना एक्सप्रेस पकड़ी और फर्स्ट एसी कोच C1 में यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका बैग चुरा लिया, जिसमें कपड़े और जरूरी सामान रखा हुआ था। चोरी के बाद मोहित पूरी तरह असहाय हो गए, क्योंकि उनके पास न तो सामान बचा था और न ही तत्काल पैसे की व्यवस्था हो पाई।
चूंकि उनका बैंक अकाउंट दूसरे राज्य का था, इसलिए उन्हें शुरुआती मदद मिलने में कठिनाई हुई। बाद में उन्होंने कलेक्टर कार्यालय से संपर्क किया, जहां से एक स्थानीय ग्राम समिति ने उनके ठहरने, भोजन और वापस जाने के टिकट की व्यवस्था की।
मीडिया से बातचीत में मोहित महाजन ने रेलवे प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब यात्री फर्स्ट एसी जैसे महंगे कोच में सफर करता है, तब भी यदि चोरी जैसी घटनाएं हो रही हैं, तो यह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे और बेहतर निगरानी की मांग की।
बुंदेलखंड की छवि पर पड़ा असर
इस तरह की घटनाएं न केवल यात्रियों को असुरक्षित महसूस कराती हैं, बल्कि पर्यटन क्षेत्र के लिए प्रसिद्ध बुंदेलखंड की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं। खजुराहो जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल की ओर आने वाले यात्रियों के साथ यदि इस प्रकार की घटनाएं होंगी, तो इससे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब यात्रियों को सुरक्षित माहौल देना रेलवे और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी बनती है।
