
सीधी। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। रीवा लोकायुक्त की 12 सदस्यीय टीम ने चुरहट एसडीएम कार्यालय में पदस्थ स्टेनो रामहित तिवारी को 10 हजार रिश्वत लेते हुए चुरहट में बीछी रोड स्थित सरयू प्रसाद प्रजापति की किराने की दुकान में रंगे हाथ ट्रैप किया । आरोपी स्टेनो को वारिसाना उत्तराधिकार प्रकरण में नाम दर्ज कराने के एवज में रिश्वत लेते पकड़ा गया।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता गजेन्द्र सिंह पिता स्व.श्यामलाल पटेल उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम पडख़री 586 ने 23 दिसम्बर 2025 को रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया। जिसमें कहा कि ग्राम पडख़ुरी में मेरी पुस्तैनी भूमि है, मेरे भाई सुरेन्द्र कुमार पटेल के स्वर्गवास होने के बाद उक्त भूमि को मेरी भाभी ललिता पटेल द्वारा अपने नाम करवा लिया था। पुस्तैनी जमीन होने के कारण मेरे स्वर्गवासी भाई सुरेन्द्र पटेल द्वारा हम दो भाई एवं भतीजा विवेक सिंह के नाम वसीयतनामा दे चुके थे। उक्त भूमि की वारिसाना हेतु अपील एसडीएम चुरहट को किये। जिस पर एसडीएम द्वारा स्थगन आदेश जारी करा दिया गया था। स्थगन आदेश का अपने पक्ष में करवाने के लिये जब गजेन्द्र सिंह एसडीएम के स्टेनो बाबू रामहित तिवारी से मिला तो उन्होंने मेरे पक्ष में आदेश करवाने के एवज में 50 हजार रूपये की मांग कर कर हैं। शिकायत प्राप्त होने पर लोकायुक्त संभाग रीवा के प्रभारी पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार द्वारा सत्यापन कराया गया। सत्यापन में आरोपी रामहित तिवारी पद स्थाईकर्मी, वर्तमान पद एसडीएम चुरहट स्टेनो द्वारा शिकायतकर्ता से 25 हजार रूपये ले लिये गये थे। शिकायत सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत की मांग करना सही पाया गया। आज 26 दिसम्बर को प्रभारी पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार के निर्देशन में टीम गठित कर आरोपी रामहित को 10 हजार रूपये रिश्वत लेते हुये रंगे हांथो ट्रैप किया गया। आरोपी के विरूद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988, संशोधन अधिनियम 2018 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए चुरहट स्थित स्थानीय सर्किट हाउस ले जाया गया, जहां रीवा लोकायुक्त टीम द्वारा पूंछताछ और कानूनी प्रक्रिया रात में भी जारी रही।
12 सदस्यीय लोकायुक्त टीम ने की कार्रवाई .
लोकायुक्त की कार्रवाई में ट्रैपकर्ता अधिकारी एस.राम.मरावी निरीक्षक लोकायुक्त रीवा, ट्रैप दल के सदस्या में उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार, स्वतंत्र शासकीय गवाह समेत 12 सदस्यीय टीम के साथ की गई। छापामार कार्रवाई की खबर फैलते ही एसडीएम कार्यालय चुरहट सहित जिले के अन्य सरकारी दफ्तरों में हडक़म्प मच गया। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना था कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं इस कार्रवाई के बाद जिले भर के रिश्वतखोर अधिकारियों और कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। फिलहाल लोकायुक्त टीम इस पूरे मामले में अन्य संभावित संलिप्तताओं की भी जांच कर रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक बड़ा संदेश मानी जा रही है।
