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ग्वालियर। भविष्य की उभरती हुई तकनीक के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियों का होना वर्तमान परिस्थिति में अति आवश्यक है। आर्टिफिशिएल इंटेलीजेंस और क्लाउड कम्प्यूटिंग आज के युग की सबसे प्रभावशाली और ज्ञातिकारी तकनीक है। एआई के माध्यम से मशीने न केवल डेटा का विश्लेषण कर सकती है बल्कि निर्णय लेने, समस्याओं का समाधान करने और मानवकारित क्षमता को बढ़ाने में भी सक्षम है। यह बात डॉ कृष्णा ने कही। माधय महाविद्यालय के स्नातकोत्तर वाणिज्य विभाग द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन छात्र छात्राओं के लिए महाविद्यालय में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ कृष्णा, डॉ. तनवीर, डॉ. प्रतिमा थे। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ शिवकुमार शर्मा ने की। विशिष्ट अतिथि डॉ संजय कुमार पाण्डेय विभागाध्यक्ष वाणिज्य विभाग थे।
डॉ कृष्णा ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में ऑटोमेशन और बेहतर उत्पाद के उत्पादन क्षमता में वृद्धि तभी होगी जबकि डेटा का संग्रहण से व्यावसायिक निर्णय अधिक और प्रभावशाली बन सकेंगे। डॉ तनवीर ने बताया कि एआई से जुड़े क्षेत्रों में आने वाले वर्षों में रोजगार की संभावनायें आयधिक बढ़ने बाली है। इस तकनीक के विकास के साथ-साथ नये रोजगार के अवसर सृजित होंगे। जो भविष्य में एक सफल और सुरक्षित कैरियर बना सकता है।
प्राचार्य डॉ शिवकुमार शर्मा ने बताया कि वर्तमान आवश्यकताओं को देखते हुये विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार के आयोजनों का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। कम्प्यूटर युग होने के लिये इस प्रकार की तकनीक का ज्ञान अति आवश्यक है। डॉ प्रतिमा ने विद्यार्थियों के समस्याओं का समाधान करते हुये उन्हें भविष्य में इस तकनीक से जुडने की सलाह दी।
डॉ संजय पाण्डेय ने बताया कि आधुनिक तकनीकों की जानकारी हम सबको भविष्य के लिये सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास को विकसित करने में सहायता दे सकता है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नई तकनीकों से परिचित कराकर उन्हें भविष्य के लिए सक्षम, आत्म निर्भर और रोजगार उन्मुख रहा है। जिससे यह कार्यशाला अपनी सफलता को प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य विभाग के डॉ प्रशान्त साहू एव आभार डॉ संजय कुमार पाण्डेय ने किया।
