जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट में रीवा जिले के मऊगंज भाटीगवां ग्राम दुगवा में मप्र सडक़ विभाग निगम लिमिटेड की बिना अनुमति के रहवासी इलाकें से हाईटेंशन लाईन बिछाने को चुनौती दी गई है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने मामले में रीवा कलेक्टर सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को निर्धारित की है।यह जनहित याचिका रीवा जिले की मनगवां तहसील के जनपद पंचायत गंगेव के ग्राम पंचायत दुगवां के सरपंच की ओर से दायर की गई है। जिनकी ओर से अधिवक्ता गोपाल सिंह बघेल ने पक्ष रखा। जिन्होंने बताया कि मप्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा ग्राम दुगवां के अंदर से 33 केवी हाईटेंशन लाइन बिछाई जा रही है। इसके कारण गांव में रहने वाले लोगों की जिन्दगी खतरे में आ जाएगी।
इस संबंध में जिला कलेक्टर के अलावा अन्य संबंधित अधिकारियों को शिकायतें देने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर यह याचिका दायर की गई। इतना ही नहीं आरोप है कि ठेकेदार द्वारा फर्जी एफआईआर कराने की धमकी भी दी गई, जिसकी शिकायत भी पुलिस अधीक्षक रीवा से की गई। जिसके बाद मप्र सडक़ विकास निगम के संभागीय प्रबंधन ने 16 जनवरी 2025 को मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के ईई मऊगंज को तत्काल उक्त कार्य रोके जाने हेतु संबंधित ठेकेदार को निर्देशित करने का आदेश दिया गया, लेकिन उसके बावजूद कार्य जारी है। सुनवाई पचात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
