दिल्ली डायरी
प्रवेश कुमार मिश्र
“जी राम जी” राजग का राजनीतिक प्रयोग या उद्देश्यपूर्ण प्रयास
मनरेगा की जगह लेने वाले विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन यानी वीबी-जी राम जी ग्रामीण अधिनियम के आधार व उद्देश्य को लेकर भाजपा व कांग्रेस आमने-सामने है. मनरेगा को नए नामकरण व कुछ बदलाव के साथ आगे बढ़ाए गए राजग सरकार के निर्णय को विपक्षी विरोध के बावजूद भले ही दोनों सदनों ने पारित कर दिया है लेकिन संसद में हारी कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई को सड़क पर लड़ने की तैयारी में है. पिछले दिनों पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक पत्र लिखकर जिस तरह सरकार को घेरने का प्रयास किया है उससे साफ है कि कांग्रेस इस लड़ाई को गांवों की गलियों तक पहुंचाने के साथ सरकार के खिलाफ माहौल बनाने के प्रयास में है. हालांकि ग्रामीण विकास मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कांग्रेसी आरोपों को भ्रामक बताकर तथ्यात्मक आधार बनाकर मोर्चाबंदी की है लेकिन राजनीतिक गलियारों में नाम बदलाव के निर्णय को लेकर बहुस्तरीय चर्चा हो रही है. ज्यादातर लोग इसके उद्देश्य को एक प्रयोग मान रहे हैं.
प्रियंका गांधी की राजनीतिक व्यवहार व भाषण शैली की चर्चा
पिछले दिनों संसद के अंदर विभिन्न विषयों पर हुए चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने जिस आत्मविश्वास के साथ मुस्कुराते हुए सरकार को घेरते हुए भाषण दिया उसकी चौतरफा सराहना और चर्चा हो रही है. इतना ही नहीं केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी से व्यक्तिगत मुलाकात के दौरान अपने संसदीय क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों पर केंद्रित चर्चा हो या शीतकालीन सत्र की समाप्ति पर लोकसभा अध्यक्ष के साथ चाय पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ सहज व्यवहार के साथ बातचीत हो , प्रियंका का राजनीतिक व्यवहार भी सुर्खियों में है. सत्ताधारी दलों के नेता भी प्रियंका गांधी की व्यवहार कुशलता की चर्चा करते हुए उन्हें उनके पारिवारिक पूर्वजों से तुलना कर रहे हैं.
कांग्रेस की ओर देख रहे हैं टीएमसी नेता
पश्चिम बंगाल में भाजपा के आक्रामक चुनावी रणनीति से परेशान टीएमसी के रणनीतिकार अब किसी भी तरह समान विचारधारा वाले दलों को एकजुट करने और भविष्य में चुनावी गठजोड़ करने की रणनीति पर मंथन कर रहे हैं. चर्चा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विशेष निर्देश पर टीएमसी के कुछ नेताओं ने कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ रणनीतिकारों के साथ विमर्श आरंभ कर दिया है. सत्ता पर काबिज रहने के उद्देश्य से टीएमसी नेता वोट बैंक में किसी भी सेंधमारी को रोकने के लिए इंडिया समूह में शामिल कुछ अन्य दलों से भी बात कर रहे हैं. दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि टीएमसी रणनीतिकार भविष्य की लड़ाई को एकतरफा नहीं मान रहे हैं . संभवतः इसी वजह से एक कदम आगे बढ़कर कांग्रेस के साथ गठजोड़ की रूपरेखा तैयार की जा रही है.
कर्नाटक के बाद केरल कांग्रेस संगठन में अंतर्द्वंद
कांग्रेस नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार व संगठन में जारी अंतर्कलह अभी शांत भी नहीं हुई थी कि चुनावी मुहाने पर खड़े केरल कांग्रेस में उथल-पुथल मच गई है. चर्चा है कि रमेश चेन्निथला,केसी वेणुगोपाल व अन्य प्रमुख नेताओं के गुट आपस में भिड़े हुए हैं. हालांकि दिल्ली में बैठे पार्टी नेता केरल के वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार चर्चा कर रहे हैं लेकिन अभी तक मामला ठीक नहीं हुआ है. इसलिए कहा जा रहा है कि पार्टी नेताओं के बीच एकजुटता कायम रखने के लिए वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी जल्द ही बैठक करने वाली हैं.
पीके के नए प्रयोग की आहट से घबराए लालू
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद बिहार की राजनीति में जिस तरह से कांग्रेस व जनसुराज पार्टी के प्रणेता प्रशांत किशोर एक नया मोर्चा बनाने के प्रयास में हैं उससे राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव समेत उनकी पार्टी में बेचैनी महसूस की जा रही है. चर्चा है कि लालू प्रसाद यादव ने अपने विशेष दूत के माध्यम से सोनिया गांधी से संपर्क साधा है. राजद को कांग्रेस का नैसर्गिक गठबंधन सहयोगी बताते हुए लालू ने कांग्रेसी नेताओं के सामने भावनात्मक अपील की है. उधर पीके ने जिस तरह से दिल्ली में स्वयं मोर्चाबंदी की है उससे राजद खेमे में खलबली मची हुई है
