बुधनी। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल बुधनी के कार्यकर्ताओं द्वारा नगर के विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों को तुलसी का पौधा भेंट किया गया और 25 दिसंबर को तुलसी पूजन दिवस के रूप में मनाने का आग्रह किया गया. कार्यकर्ताओं ने हिंदू समाज के लोगों से संपर्क कर तुलसी के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं औषधीय महत्व की जानकारी दी और प्रत्येक परिवार से कम से कम एक तुलसी का पौधा लगाने की अपील की.
इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद मध्यभारत, जिला सीहोर की ओर से विद्यालय प्रबंधन से भी एक अपील की गई. परिषद ने कहा कि जिन छात्रों के अभिभावक सनातन हिंदू धर्म व परंपराओं को मानते हैं, उन बच्चों को अभिभावकों की अनुमति के बिना क्रिसमस कार्यक्रमों में सांता क्लॉस बनने या क्रिसमस ट्री लाने के लिए बाध्य न किया जाए. परिषद का कहना है कि ऐसा करना हिंदू संस्कृति पर आघात है और इससे बच्चों के अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ भी पड़ता है. विश्व हिंदू परिषद ने स्पष्ट किया कि हिंदू बच्चों को अपनी संस्कृति और महापुरुषों से प्रेरणा लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बच्चे श्रीराम, श्रीकृष्ण, बुद्ध, महावीर, गुरु गोविंद सिंह, क्रांतिकारी और महापुरुष बनें, न कि सांता क्लॉस. परिषद ने यह भी कहा कि भारत संतों की भूमि है, सांता की नहीं.
परिषद ने विद्यालयों से पुन: आग्रह किया कि हिंदू बच्चों के अभिभावकों की अनुमति के बिना उन्हें सांता क्लॉस न बनाया जाए। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि यदि कोई विद्यालय इस अपील की अनदेखी करता है, तो विश्व हिंदू परिषद जिला सीहोर वैधानिक एवं कानूनी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा.
