
खण्डवा। एसआईआर के बाद लंबी मशक्कत के बाद 86100 मतदाताओं के नाम कट गए हैं। जिले में 10 लाख 29 हजार के लगभग मतदाता थे। अब 10 लाख से भी कम मतदाता बचे हैं। निर्वाचन में कई नामों की उखाड़ पछाड़ देखने को मिली। अब मतदाता सूचियों का प्रशासन लोगों के लिए जारी कर दिया गया है। इसमें कई तरह के नए परिवर्तन देखने को मिलेंगे। कई जगह नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं। एक महीने तक लोगों को समय दिया जा रहा है, कि यदि उनका नाम नहीं है तो वे नियम सहित आपत्ती बताएं।
कटे या जोड़े नाम पर आपत्ति 22 जनवरी तक
दावे आपत्ति दर्ज करने का कार्य 23 दिसंबर से 22 जनवरी 2026 के बीच किया जाएगा। आपत्तियों का निपटान निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा 14 फरवरी तक किया जाएगा। इसके बाद निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी को किया जाएगा।
86,193 मतदाता कम हो गए
जिले में कुल 1029806 मतदाता थे जो कि आज की स्थिति में घटकर 943613 हो गए हैं। इस तरह 86193 मतदाता विभिन्न कारणों से कम हुए हैं। प्रारूप मतदाता सूची में जो मतदाता कम हुए हैं उनमें 18956 मृत होने के कारण, 7548 अनुपस्थित होने के कारण, 50784 स्थाई रूप से अन्यत्र शिफ्ट होने के कारण, 8782 एक से अधिक स्थानों पर दर्ज होने के कारण तथा 123 मतदाता अन्य कारणों से कम हुए हैं। 21 फरवरी को सब साफ हो जाएगा कि कौन वोट डाल सकता है, और कौन नहीं? आपको अपना नाम भी देखना जरूरी है। बड़ी बात यह भी है कि जिले में 181 नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
जिले में 181 नए मतदान केन्द्र
नई चुनावी व्यवस्था के अनुसार जिले में 27 अक्टूबर 2025 तक कुल 1066 मतदान केंद्र थे। आयोग के नए प्रावधानों के तहत अब 1500 के स्थान पर 1200 मतदाताओं पर एक मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। जिले में कुल 181 मतदान केंद्र नए बनाए गए हैं। इनमें मांधाता विधानसभा क्षेत्र में 28, हरसूद विधानसभा क्षेत्र में 41, खंडवा विधानसभा क्षेत्र में 59, और पंधाना विधानसभा क्षेत्र में 53 मतदान केंद्र नए बनाए गए हैं। जिले में अब कुल 1247 मतदान केंद्र हो गए हैं। जिसमें मान्धाता विधानसभा क्षेत्र में 280,हरसूद विधानसभा क्षेत्र में 298, खंडवा विधानसभा क्षेत्र में 324 तथा पंधाना विधानसभा क्षेत्र में 345 मतदान केंद्र शामिल हैं।
