
सीधी। वैष्णवी गार्डन सीधी में लिनेस क्लब कामाख्या द्वारा आयोजित मिसेस लिनेस प्रतियोगिता एवं सम्मान समारोह का आयोजन भव्यता, गरिमा और सांस्कृतिक विविधता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया, तत्पश्चात रंगारंग प्रस्तुतियों और पारंपरिक परिधानों की झलक ने सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में डॉ.बीना मिश्रा को उनके उत्कृष्ट सामाजिक एवं संगठनात्मक योगदान के लिए लिनेस क्लब की एरिया ऑफिसर नियुक्त किया गया, वहीं डॉ.सुनीता तिवारी को लिनेस कामाख्या क्लब सीधी की चेयरपर्सन बनाए जाने की घोषणा की गई। जिसका उपस्थित सदस्यों ने तालियों के साथ स्वागत किया। मिसेस लिनेस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीमती वर्षा सिंह ने निर्णायकों का दिल जीतते हुए सीधी की पहली मिसेस लिनेस का गौरवपूर्ण खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता की निष्पक्ष एवं प्रभावी जजिंग के लिए दिल्ली से वरिष्ठ पत्रकार सुरभि सप्रू, रीवा से प्रसिद्ध सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ऋतिका द्विवेदी तथा सीधी से नेहा कुंदेर ने निर्णायक की भूमिका निभाई। समारोह के दौरान समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण एवं संगठनात्मक गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 36 लिनेस बहनों को लिनेस अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। जिससे पूरे वातावरण में उत्साह और प्रेरणा का संचार हुआ। कार्यक्रम में अतिथि रूप में सावित्री मिश्रा, मीना गुप्ता, भारती सिंह, सरोज सिंह, मीना सिंह, अपर्णा त्रिपाठी, एड.स्नेहलता तिवारी, पूनम सोनी, एड.सुनीता तिवारी एवं रमेश अग्रवानी की गरिमामयी उपस्थिति रही। मीनाक्षी द्विवेदी के संचालन ने कार्यक्रम में समा बांध दिया।
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देश की विविध संस्कृतियों की दिखी अनुपम झलक
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भारत के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषाओं की प्रस्तुति रही। उ.प्र. की पारम्परिक गोपिड्रेस में श्रीमती अंजू शर्मा एवं श्रीमती रचना राजे सिंह आकर्षण का केन्द्र रहीं। राजस्थानी संस्कृति को दर्शाती राजस्थानी वेशभूषा में श्रीमती ऋचा सिंह एवं श्रीमती ऋतु सिंह ने अपनी प्रस्तुति से सभी को प्रभावित किया। बनारसी साड़ी में श्रीमती उर्मिला गुप्ता, श्रीमती रागिनी सिंह एवं श्रीमती रचना मिश्रा ने हथकरघा की गरिमा को मंच पर जीवंत किया। चंदेरी साड़ी में श्रीमती शर्मिला सिंह, श्रीमती विभा सिंह एवं श्रीमती सालिनी त्रिपाठी पाठक ने सादगी और सौंदर्य का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। महाराष्ट्रीयन साड़ी में श्रीमती मीनाक्षी द्विवेदी एवं श्रीमती रश्मि सोनी ने क्षेत्रीय संस्कृति को सशक्त रूप में दर्शाया। महेश्वरी साड़ी में श्रीमती रेखा स्वरूप ने पारम्परिक कला की उत्कृष्ट झलक पेश की। पंजाबी वेशभूषा में श्रीमती भावना भसीन, श्रीमती रेनू सिंह एवं श्रीमती पूनम द्विवेदी ने मंच को ऊर्जा से भर दिया। केरल की दक्षिण भारतीय साड़ी में श्रीमती वर्षा सिंह एवं श्रीमती तारा तिवारी ने सादगी और सौम्यता का सुन्दर परिचय दिया। गुजराती साड़ी में श्रीमती अंजू सिंह एवं श्रीमती सुनीता सिंह ने पारम्परिक परिधान की भव्यता को प्रस्तुत किया। साउथ सिल्क साड़ी में श्रीमती आराधना सिंह एवं श्रीमती नीतू गुप्ता ने रेशमी वैभव को मंच पर उतारा। बंगाली साड़ी में डॉ.सुनीता तिवारी एवं श्रीमती नीलम अंसारी ने बंगाल की संस्कृति की छवि उकेरी। सिंधी सलवार-कुर्ती में श्रीमती कोमल आहूजा ने विशिष्ट प्रस्तुति दी। कलमकारी साड़ी में डॉ.विश्वता पाण्डेय एवं डॉ.प्रेरणा पाठक ने हस्तकला की बारीकियों को दर्शाया। कांजीवरम साड़ी में श्रीमती नम्रता सिंह एवं श्रीमती भारती सिंह ने दक्षिण भारतीय वैभव को प्रस्तुत किया। दक्षिण भारतीय लहंगा में श्रीमती नीति केशरवानी आकर्षण का केन्द्र रहीं। असमिया साड़ी में श्रीमती सपना सिंह, डॉ.रंजना शुक्ला एवं डॉ.बीना मिश्रा ने उत्तर-पूर्व की संस्कृति को जीवंत किया। बंधनी साड़ी में श्रीमती विनीता मिश्रा ने रंगों की परम्परा को मंच पर उतारा। उत्तराखंडी वेशभूषा में श्रीमती पूनम तिवारी ने पर्वतीय संस्कृति की सादगी को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया।
