
इंदौर:पानी की आपूर्ति के लिए शासन-प्रशासन ने कई योजनाएं बनाई है. प्रशासन द्वारा घर-घर पानी पहुंचाने के दावे किए जाते हैं. लेकिन पानी को लेकर लोगों ने जो आप बीती बताई है उसको सुन कर यह साफ हो जाता है कि योजनाएं सिर्फ कागजो पर हैं. आज भी कई ऐसे क्षेत्र है जहां नर्मदा नाईन तो दूर की बात है सरकारी बोरिंग लाईन भी नहीं दी गई.पानी को तरस रहे लोगों की यह हकीकत वार्ड क्रमांक 85 से सामने आई है.
फूटी कोठी क्षेत्र में पड़ने वाले इस वार्ड के श्रद्धापुरी कॉलोनी एनएक्स में पानी की किल्लत झेल रहे क्षेत्रवासियों से बात करने पर पता चला कि क्षेत्र में पानी की वितरण करने वाला नगर निगम टैंकर ड़ेढ महिने पहले आया था. जबसे दोबारा नज़र नहीं आया. यह पहली बार नहीं है अक्सर यह सरकारी सुविधा कई-कई महिनों क्षेत्र से नदारद रहती है. क्षेत्र में नर्मदा पानी की लाईन नहीं है. यहां तक की सरकारी बोरिंग भी नहीं है लोगों को आसपास के निजी बोरिंग से पैसा देकर पानी लेना पड़ता है. यह समस्या बरसात और सर्दियों में तो होती है गर्मियों में पानी को लेकर हाहाकार मची रहती है. कई बार शिकायत और निवेदन करने के बाद भी लोगों को इस परेशानी से छुटकारा नहीं मिल पाया.
इनका कहना है
पांच दिसंबर को नगर निगम का टैंकर क्षेत्र में आया था. डेढ़ महिने हो गए दोबारा नहीं आया. जहां निजी बोरिंग है. वहां से पांच रूपए कुप्पी पानी खरीदना पड़ता है.
– ज्योति ठाकुर
चुनाव में वोट लेते समय हमे कहा गया था कि हमार क्षेत्र में नर्मदा लाईन डालेंगे लेकिन चुनाव के बाद न तो लाईन डाली और न ही वह लोग यहां आए.
– सरिता विश्वकर्मा
निगम का टैंकर आता है. उसके पानी में कुछ ही दिनों में कीड़े पड़ने लग जाते हैं. ऐसे में उसे फेंकना पड़ता है. पानी के लिए टंकी पर जाना पड़ता है.
– प्रेमलता विश्वकर्मा
आसपास की अधिकतर कॉलोनियों में नर्मदा पानी की लाईन पूर्व से ही डली हुई है. हमारे क्षेत्र में आज तक लाईन डालने के लिए कोई भी नहीं आया. कोई ध्यान नहीं देता.
– सक्की सोनगरा
