
जबलपुर। कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित जैविक हाट में नियमों के उल्लंघन पर कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। चौथे रविवार को लगे जैविक हाट के दौरान कुछ किसान अजैविक उत्पाद बेचते पाए गए, जिन्हें मौके पर ही हाट से हटा दिया गया। उप संचालक कृषि डॉ. एस. के. निगम ने स्पष्ट किया कि जैविक हाट में केवल प्रमाणित और वास्तविक जैविक उत्पादों की ही बिक्री की अनुमति दी जाएगी।
उन्होंने सभी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि जैविक किसानों के पहचान पत्र जारी करने की प्रक्रिया को तेज किया जाए। इसके लिए किसानों का नाम, ग्राम, मोबाइल नंबर और फोटो सहित सूची अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो और उपभोक्ताओं का विश्वास बना रहे। आयोजन के दौरान कृषि विभाग का समस्त अमला मौजूद रहा और निगरानी में जैविक उत्पादों का विक्रय कराया गया।
जैविक उत्पादों को मिला बेहतर बाजार
जिला प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जबलपुर कृषि उपज मंडी परिसर में लगातार चौथे रविवार जैविक हाट का आयोजन किया गया। हाट में जैविक किसानों के उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। इस बार जैविक हाट में हरा मटर बड़ी मात्रा में लाया गया। इसके साथ ही पालक, गोभी, मेथी, सरसों, लौकी, गिलकी, भटा सहित कई हरी सब्जियों की अच्छी आवक रही। चावल, दाल, गुड़ और मूंग जैसे जैविक उत्पाद भी उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराए गए। हाट का मुख्य आकर्षण एमपी सोका से पंजीकृत गोदावरी जैविक कृषि फार्म कलगुड़ी बरेला और अर्चना ऑर्गेनिक फूड के उत्पाद रहे। पाटन के ग्राम मादा से आए कृषक कैलाश यादव ने बताया कि जैविक हाट में उत्पादों का भाव सामान्य बाजार से बेहतर मिल रहा है, जिससे किसानों की जैविक खेती में रुचि बढ़ी है।
