जबलपुर: जिले में किसानों से फेसबुक लाइव के माध्यम से सीधे संवाद का अनूठा प्रयोग सफल रहा। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की पहल पर ई-टोकन एवं उर्वरक वितरण प्रणाली को लेकर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें किसानों ने खुलकर अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने ई-टोकन से खाद लेने में आ रही कठिनाइयों पर सवाल पूछे। उप संचालक कृषि डॉ. एस.के. निगम एवं जिला विपणन अधिकारी हितेंद्र रघुवंशी ने सरल शब्दों में सभी प्रश्नों के उत्तर दिए और समाधान बताए।
किसानों ने नई उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बताते हुए इसकी प्रशंसा की। कई किसानों ने कहा कि इससे खाद की कालाबाजारी रुकी है और समय पर उर्वरक मिल रहा है। किसानों ने इस पायलट प्रोजेक्ट को पूरे प्रदेश में लागू करने की मांग भी की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ई-टोकन की वैधता तीन दिन की होती है, खाद नहीं उठाने पर टोकन स्वतः निरस्त हो जाता है।
सिकमी नामा की भूमि पर सत्यापन के बाद खाद उपलब्ध कराने, टोकन कैंसिल करने और परिवार के सदस्य द्वारा खाद प्राप्त करने की प्रक्रिया भी बताई गई। किसानों ने वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुसार खाद वितरण को भूमि की उर्वरता और उत्पादन के लिए लाभकारी बताया। कार्यक्रम में प्रदेश के अन्य जिलों के किसान भी जुड़े।
धान उपार्जन पर अगला फेसबुक लाइव
ई-टोकन व्यवस्था पर सफल संवाद के बाद अब धान उपार्जन व्यवस्था पर फेसबुक लाइव कार्यक्रम होगा। यह कार्यक्रम 22 दिसंबर, सोमवार को शाम 4 बजे से जिला प्रशासन के आधिकारिक फेसबुक पेज कलेक्टर जबलपुर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी किसानों के सवालों के जवाब देंगे।
