जबलपुर: भारतीय रेलवे की मदद से सिर्फ यात्री ही एक जगह से दूसरी जगह नहीं जाते हैं, बल्कि लोगों के सामान को भी एक जगह से दूसरी जगह भेजा जाता है। आम लोगों के जरूरी दस्तावेजों के साथ साथ अन्य कीमती सामान भी पार्सल के जरिए ट्रेनों से एक जगह से दूसरी जगह भेजे जाते है। इन्हीं पार्सल्स की गत बनते हर रोज मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 1 और 6 पर देखी जा सकती है। जानकारों की माने तो रेलवे कर्मचारियों द्वारा पार्सल को गलत तरीके से ट्राली से उतारा जाता है। पार्सल उतरने के बाद इन्हें घंटों स्टेशन के बाहर ही लावारिस हालत में छोड़ दिया जाता है।
घंटों पड़े रहते हैं पार्सल
रेलवे प्रशासन को पार्सल व्यवस्थित रूप से रखना चाहिए। चित्र में दिखाई दे रहे लावारिस पड़े पार्सल के गठरे मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 6 के है। यह पार्सल यहां 12322 हावड़ा मेल गाड़ी के आने के आधा घंटा पहले ही उतार लिए गए थे। तब से लेकर दोपहर 01:35 बजे तक यह पार्सल ऐसे ही लावारिस पड़े हुए थे। बताया जाता है कि इस पार्सल में अमेजन और फ्लिपकार्ट के साथ साथ डाकतार विभाग के जरूरी दस्तावेज आदि थे।
होनी चाहिए पूरी जांच
इस तरह से रेलवे स्टेशन पर पार्सल के फैले रहने से यात्रियों के लिए अव्यवस्था पैदा होती है। नियमों के मुताबिक पार्सलों के स्टेशन पर उतरते ही इनकी मेटल डिटेक्टर मशीन से पूरी जांच होनी चाहिए क्योंकि पार्सल में अनजान या अवैध सामग्री होने का खतरा कर समय बना रहता है। लेकिन मुख्य रेलवे स्टेशन की व्यवस्था देखकर तो यही प्रतीत होता है कि कोई भी वैध, अवैध सामग्री पार्सल के जरिए भेजी जा सकती है।
इनका कहना है
स्टेशन पर फैले पार्सल के बारे में संबंधित अधिकारी से चर्चा करूंगा एवं ऐसा करने वालों के खिलाफ एक्शन भी लिया जाएगा।
हर्षित श्रीवास्तव, सीपीआरओ, पश्चिम मध्य रेल
