सीजन की सबसे ठंडी रही बुधवार-गुरुवार की रात, न्यूनतम तापमान हुआ 7.3 डिग्री सेल्सियस

उज्जैन: उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के चलते ठंड अपना असर दिखने लगी है। शहर में सीजन की सबसे ठंडी बुधवार-गुरुवार की रात रही। वहीं गुरुवार को अधिकतम तापमान में भी 0.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद दिन रात के तापमान में गिरावट के साथ शीतलहर का अनुमान अलर्ट जारी किया है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी से पूरे देश में ठंड का कहर बढ़ गया है। मध्यप्रदेश में भी रात का तापमान लगातार कम हो रहा है। इस बीच उज्जैन में बुधवार-गुरुवार की रात सीजन की सबसे ठंडी रात रही।

स्थानीय वेधशाला के अनुसार न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री दर्ज हुआ है। रात को कोहरा छाने के बाद ओस की बूंदों ने भी लोगों को ठिठुरा दिया था। पिछले एक सप्ताह से न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। रात के तापमान के बाद गुरुवार को अधिकतम तापमान में भी 0.5 डिग्री की गिरावट आई। हवा की गति 4 से 6 किलोमीटर की बनी हुई है बावजूद इसके शीत लहर का आवास हो रहा है। वेधशाला अधीक्षक राजेन्द्र कुमार गुप्त के अनुसार 14 दिसंबर 2024 को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री दर्ज किया गया था। इस बार जिस तरह से ठंड का असर बढ़ता दिखाई दे रहा है.

उससे लग रहा है कि दिसंबर के अंत तक उज्जैन में न्यूनतम तापमान का नया रिकार्ड बन सकता है। जिस तरह से न्यूनतम तापमान में गिरावट आ रही है आगामी दिनों में अधिकतम तापमान भी कम हो सकता है। इससे पहले 2 दिसंबर 2021 को अधिकतम तापमान 16 डिग्री दर्ज किया गया था। ठंड के साथ ही शीतलहर की संभावना भी बढ़ती दिखाई दे रही है। दिन में हवा की गति कम है लेकिन रात में रफ्तार तेज हो रही है। इस बार जनवरी माह भी ठंड के बीच गुजर सकता है। एक-दो दिन में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। जिसका असर जनवरी तक बना रह सकता है।
उत्तर भारत में कोहरे से ट्रेनों पर असर
लगातार बढ़ती ठंड का असर ट्रेनों पर पड़ता दिखाई दे रहा है। दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेन देरी से पहुंच रही है। वहीं कई रूटों की ट्रेनों में भी देरी होना सामने आ रहा है। शाम को आने वाली कई ट्रेन देरी से आने पर यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। ठंड की वजह से ट्रेन यातायात ही नहीं सडक़ यातायात भी प्रभावित बना हुआ है। रात में शहर की कई सडक़ों पर सन्नाटा दिखाई दे रहा है। हाई-वे मार्गों पर भी आवागमन कम होने लगा है। शहर में शाम को बाजार भी जल्द बंद हो रहे हैं।
ठंड से बचाव के लिए जल रहे अलाव
शाम ढलने के बाद बढ़ रही ठिठुरन से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा लेने लगे हैं। घरों में भी रूम हीटर चलते दिखाई दे रहे हैं। अब दिन-रात लोग गरम कपड़े पहने दिखाई दे रहे हैं। ठंड बढऩे से बच्चों और बुजुर्गों में सर्दी-जुकाम का वायरल भी तेजी से फैलता दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के लिए गर्मी की व्यवस्था की जा रही है। पशुओं के बाड़े में भी अलाव जलाकर उन्हें ठंड से बचाया जा रहा है। वहीं पालतू श्वानों को भी स्वेटर आदि पहनाए जा रहे हैं।

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