जबलपुर: करोड़ों की धोखाधड़ी के प्रकरणों में लंबे समय से फरार चल रहे चिटलर ईनामी आरोपी अमित खम्परिया को कोतवाली पुलिस ने रिमांड में लिया था इस दौरान उसके दो खातों समेत अन्य बिन्दुओं पर जांच पड़ताल की गई। ट्रांजेक्शन का ब्यौरा भी जुटाया गया। धोखाधड़ी की रकम कहां से आई और कहां भेजी गई समेत अन्य लेनदेन की जानकारी जुटाई गई। रिमांड खत्म होने पर कोतवाली पुलिस गुरूवार को उसे लेकर कोर्ट पहुंची जहां पेश किया इस बीच लार्डगंज थाने की पुलिस ने पहुंचकर यादव कॉलोनी में दर्ज प्रकरण में उसे रिमांड पर ले लिया है।
विदित हो कि क्राइम ब्रांच ने लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात ठग अमित खम्परिया को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया था। अमित पर करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़े और ठगी के कई मामले दर्ज हैं जिस पर 1 लाख 40 हजार रुपए का इनाम घोषित था। आरोपी के खिलाफ जबलपुर, मंडला, उमरिया सहित आसपास के जिलों में 18 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद संजीवनी नगर पुलिस ने 15 दिसंबर तक रिमांड पर लिया था रिमांड खत्म होने पर उसे जेल भेज दिया गया था वहीं कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को प्रोटेक्शन वारंट पर दो दिन की डिमांड पर लिया था।
अमित ने कोतवाली थाना अंतर्गत अंधेरदेव निवासी रिटायर्ड फैक्ट्री कर्मचारी यदुवंश मिश्रा पिता स्व. बैजनाथ प्रसाद मिश्रा 66 वर्ष निवासी अंधेरदेव ने को टोल प्लाजा में डबल मुनाफे और पार्टनरशिप का लालच देकर 23 लाख रूपए की ठगी की थी। कोतवाली पुलिस ने शिकायत पर रविवार को धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी दर्ज हुई थी।
सपाक्स पार्टी के नाम का दुरूपयोग करने पर दर्ज हुई थी एफआईआर-
2018 में चिटलर अमित खम्परिया ने चुनाव लड़ा था जिसमें उसकी जमानत तक जप्त हो गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक नवम्बर 2018 में लार्डगंज पुलिस ने उत्तर विधानसभा से सर्वसमाज कल्याण पार्टी के प्रत्याशी रहे अमित खम्परिया के खिलाफ साजिश रचने और दस्तावेज के फर्जीवाड़े का प्रकरण दर्ज कराया था। सपाक्स के जिलाध्यक्ष रहे योगेंद्र तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि अमित खम्परिया ने अनधिकृत रूप से सपाक्स पार्टी के नाम का दुरुपयोग किया है। इसी मामले में अमित खम्परिया को लार्डगंज थाना अंतर्गत यादव कॉलोनी चौकी पुलिस ने रिमांड पर लिया है
