सतना: नगर निगम में अनियमितताओं पर कार्रवाई न होने से नाराज महापौर योगेश कुमार ताम्रकार ने MIC की बैठक स्थगित कर दी। महापौर ने बताया कि उन्होंने इन अनियमितताओं को लेकर कई बार नगर निगम आयुक्त का ध्यान आकर्षित कराया और लिखित रूप में कार्रवाई की मांग भी की, लेकिन अब तक किसी भी विषय पर ठोस कदम नहीं उठाया गया।
महापौर श्री ताम्रकार के अनुसार इन अनियमितताओं को लेकर कई बार नगर निगम आयुक्त का ध्यान आकर्षित कराया गया। इसके साथ ही लिखित रूप में कार्रवाई की मांग भी की गई । लेकिन अब तक किसी भी विषय पर ठोस कदम नहीं उठाया गया. महापौर का कहना है कि जब तक पूर्व में हुई अनियमितताओं पर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक बैठक आयोजित करने का कोई औचित्य नहीं है। इस निर्णय के बाद नगर निगम के प्रशासनिक हलकों में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
महापौर ने जिन मुख्य विषयों पर कार्रवाई की मांग की है, उनमें बालकिशन दास वाटिका में अवैध कब्जा हटाना, शहर के अंदर मांस मंडियों को नियत स्थान पर स्थानांतरित करना, करोड़ों की लागत से बने सोलर पैनल को चालू करना और गुणवत्ता विहीन सड़कों के निर्माण कार्य में जांच कर दोषी इंजीनियरों पर कार्यवाही करना सम्मिलित हैं। इन विषयों को मुख्य रूप से पार्षद अभिषेक तिवारी अंशु ने भी उठाया है और उन्होंने नगर निगम प्रशासन को एक निश्चित तिथि तक का अल्टीमेटम दिया है। पार्षद अभिषेक तिवारी अंशु ने चेतावनी दी है कि अगर इन सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा नहीं किया गया, तो वे धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं
महापौर और पार्षद दोनों का कहना है कि जब तक पूर्व में हुई अनियमितताओं पर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक शहर के विकास कार्यों में सुधार नहीं हो सकता है। इस निर्णय के बाद नगर निगम के प्रशासनिक हलकों में चर्चा का माहौल बना हुआ है। लिहाजा अब देखने वाली बात होगी कि निगम प्रशासन पार्षद अभिषेक तिवारी अंशु की मांगों पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है और शहर के विकास कार्यों को गति देने में कितना सफल होता है।
