उज्जैन: नकली दवा बनाने और कारोबार करने वाले 4 आरोपियों को 9 साल बाद न्यायालय ने सजा सुनाते हुए 6 लाख के अर्थदंड से दंडित किया गया। 21 सितंबर 2016 में खाद्य एवं औषधि प्रसाधन द्वारा मामले की जांच कर प्रकरण दर्ज कराया गया था।मीडिया सेल प्रभारी कुलदीपसिंह भदौरिया ने बताया कि खाद्य औषधि प्रसाधन द्वारा 2016 में सिमको आर्गेनिक्स के खिलाफ शिकायत मिलने पर जांच की थी। जांच अधिकारी औषधि निरीक्षक लोकेश गुप्ता, अल्केश यादव, अजय ठाकुर ने नागझिरी स्थित पहुंचकर संतोष कुमार धींग से एलोपैथिक औषधि निर्माण के लायसेंस मांगे थे। नहीं दिखाने पर तलाशी ली गई थी।
जिस पर एलोपैथिक औषधि जिसके निर्माता सॉफ्ट मेडिकेप्स लिमिटेड इंड्रस्टियल ऐरिया जिला देवास तथा एलोपैथिक औषधि पैकिंग में उपयोग की जा रही प्रिंटेट एल्युमिनियम लेबल फाईल मात्रा 2.6 किलोग्राम के साथ औषधि पैकिंग मशीन को जब्त किया था। उक्त एलोपैथिक औषधियों का निर्माण आरोपी राजेन्द्र शर्मा मेसर्स सॉफ्ट मेडिकेप्स लिमिटेड के द्वारा करवाया जा रहा था। आरोपी प्रवीण शाह, मेसर्स अल्पा ऐलानिटीकल लेबोरेटरी के द्वारा उक्त औषधियों जांच रिपोर्ट अधिनियम के विपरीत फार्म 39 में जारी की गई थी। आरोपी शांतीलाल मेसर्स शांतीलाल एण्ड को, शॉप बैंगलोर के द्वारा ऐलोपेथिक औषधियों के विक्रय की अनुज्ञपत्ति के प्रतिकूल फर्म सिमको आर्गेनिक्स को उक्त ऐलोपेथिक औषधियां लगभग 24 लाख रुपए की बेची की गई थी।
प्रकरण में पश्चातवर्ती जांच धरम सिंह कुशवाह औषधि निरीक्षक के द्वारा की गई। खाद्य एवं औषधि निरीक्षक के द्वारा आरोपीगण के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की विभिन्न धाराओं में परिवाद प्रस्तुत किया था। लम्बी सुनवाई के बाद 16 दिसबंर को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीसी गुप्ता द्वारा फैसला सुनाते हुए संतोष कुमार धींग निवासी शिवाजी पार्क कालोनी देवासरोड, राजेन्द्र पिता छंगाराम शर्मा निवासी विजयनगर इंदौर, प्रवीण शाह निवासी एबीरोड पिडबेंगर इंदौर और शांतिलाल निवासी बैंगलोर को धारा 18 (सी), 27 (बी) 2, 18 (सी), 27 (बी) 2, औषधि प्रसाधन अधिनियम में 3 साल की सजा के साथ 6 लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। प्रकरण में प्रभारी उप निदेशक (अभियोजन) राजेन्द्र कुमार खाण्डेगर के मार्ग दर्शन में विशेष लोक अभियोजक उमेश सिंह तोमर द्वारा पैरवी की गई।
