ग्वालियर: इंटैक ग्वालियर चैप्टर एवं विरासत, शिल्प एवं सामुदायिक प्रभाग, इंटेक हेड ऑफिस नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में ग्वालियर की दुर्लभ एवं विलुप्तप्राय चितेरा पेंटिंग के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से आयोजित पाँच दिवसीय विशेष कार्यशाला का आज शुभारंभ किया गया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महापौर डॉ. शोभा सिकरवार तथा विशिष्ट अतिथि ग्वालियर के पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर रहे।
कार्यशाला में मुंबई की प्रसिद्ध डिजाइनर ज्योति कुरुप, ग्वालियर के पारंपरिक चितेरा कलाकार हरि जी के साथ मिलकर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगी, जिससे चितेरा कला को समकालीन उपयोगिता से जोड़ा जा सके।इस अवसर पर महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने कहा कि चितेरा हमारी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण और संवर्धन हम सभी का सामूहिक दायित्व है।
उन्होंने कहा कि हमारी पारंपरिक कलाएँ, प्रकृति और वृक्ष जीवन से गहराई से जुड़ी हैं, किंतु बदलती जीवनशैली और जागरूकता के अभाव में ये धीरे-धीरे विलुप्त हो रही हैं। ऐसे में इस प्रकार की कार्यशालाएँ अत्यंत आवश्यक हैं। पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने चितेरा कला के प्रति अपने व्यक्तिगत लगाव को साझा करते हुए अपनी पुत्री के विवाह का आमंत्रण पत्र प्रदर्शित किया, जिसे चितेरा पेंटिंग से सजाया गया था। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहलें पारंपरिक कलाओं को जन-जन तक पहुँचाने और उनके प्रति रुचि जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत इंटैक ग्वालियर चैप्टर के सह-संयोजक चंद्रदीप सिंह द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई। इंटैक की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य नीलकमल महेश्वरी ने चितेरा पेंटिंग के इतिहास, इसकी विशिष्ट शैली, तकनीक तथा ग्वालियर एवं आसपास के क्षेत्रों में उपलब्ध इसके उदाहरणों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने ग्वालियर में एक समर्पित सांस्कृतिक केंद्र की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जहाँ शहर की सभी पारंपरिक कलाओं और शिल्पकारों को एक साझा मंच मिल सके।
इंटैक ग्वालियर चैप्टर के संयोजक विकास सिंह ने कार्यशाला के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि चितेरा कला के मूल स्वरूप को बनाए रखते हुए, आधुनिक आवश्यकताओं और तकनीकों के माध्यम से इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना इस कार्यशाला का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में यह कला रोजगार सृजन के नए अवसर प्रदान कर सकती है। यह पाँच दिवसीय कार्यशाला पूर्णतः निःशुल्क है तथा इसमें प्रयुक्त होने वाली समस्त सामग्री इंटैक ग्वालियर चैप्टर द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। इच्छुक प्रतिभागी आगामी दिनों में भी इस कार्यशाला में सहभागिता कर सकते हैं।
