साक्षी केसरवानी
भोपाल: जय प्रकाश जिला अस्पताल में इलाज कराने आ रहे मरीजों को पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिये भी परेशान होना पड़ रहा है. आलम ये है कि अस्पताल की बिल्डिंग में भर्ती मरीजों को पीने के लिए साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा. सोमवार दोपहर 12 बजकर 36 मिनट पर नवभारत की रिपोर्टर जब अस्पताल के बी ब्लॉक में पहुंची और मरीजों से पीने के पानी के बारे में पूछा, तो चौंकाने वाली बात सामने आई. मरीजों ने बताया कि वे कई दिनों से वार्ड में भर्ती हैं लेकिन पूरी बिल्डिंग में कहीं भी पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं है. मजबूरी में उन्हें बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है.
बी ब्लॉक की तीसरी मंजिल पर लगा वाटर कूलर भी बंद मिला और नल भी टूटा हुआ था. यही हाल पहली और दूसरी मंजिल के वार्डों का भी है. वहां भर्ती मरीजों का कहना है कि वे रोज अपने घर से पानी लाते हैं या फिर बाजार से खरीदकर पीते हैं.इतना ही नहीं अस्पताल की इन अव्यवस्थाओं को छिपाने और नजर अंदाज करने में सबसे आगे अस्पताल अधीक्षक संजय जैन हैं. शाम 4 बजकर 56 मिनट पर जब नवभारत रिपोर्टर ने इस विषय पर बात करने के लिए फोन लगाया तो संजय जैन ये कहते हुए फोन काट देते हैं कि आप अस्पताल में आये क्यों और मरीजों से बात क्यों की.
विद्या
मेरा भांजा चार दिन से भर्ती है, अस्पताल में पहले दिन आई तो कहीं साफ पीने का पानी नहीं मिला। बिल्डिंग के बाहर नीचे नल लगा है लेकिन इतना गन्दा है, कि पानी पीने का मन नहीं करता। इसीलिए रोज घर से पानी लाते हैं.
विद्या धानके, शिव नगर कालोनी मुन्नी
उम्र ज्यादा हैं सीढ़ी उतरने चढ़ने में बहुत दिक्कत होती है. इस माले पे कहीं पानी नहीं है कई लोगों से पहले दिन पूछा सबने नीचे का बताया तो वहां भी एकदम गंदगी है. मज़बूरी में पानी भर के लाना पड़ता है और वही पीना पड़ता है.
मुन्नी देवी, अर्जुन नगर
लखन
नीचे दो जगह वाटरकूलर लगा है, एक तो इतना गन्दा है कि पानी पिया ही नही जा सकता, दूसरी जगह से भर लेते हैं, लेकिन वहां भी कई बार पानी नहीं आता। इसीलिए अब घर से ही मंगा लेते हैं.
लखन मौर्य, तुलसी टॉवर
नरोत्तम
10 दिन से भर्ती हूं, यहां नल के पास सफाई नहीं है, गंदगी है, पानी पीने का मन नहीं करता। डर लगता है, पीने के बाद और कोई समस्या न हो जाये. इसलिए बाहर से पानी खरीद कर पी रहा हूं.
नरोत्तम सिंह राजपूत, त्रिलंगा चौराहा
इस संबंध में सीएमएचओ मनीष शर्मा से भी रिपोर्टर ने बात की , उन्होंने विषय की जानकारी होते ही कहा कि अगर ऐसी कोई समस्या अस्पताल में है, तो उसकी जांच करवाकर उसे जल्द से जल्द ठीक करवायेंगे।
