
नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों में लगातार बन रहे टकरावपूर्ण माहौल और विपक्ष के वॉकआउट को लेकर राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष सुनियोजित तरीके से विपक्षी नेताओं को अपनी बात रखने का अवसर नहीं दे रहा है, जिससे लोकतांत्रिक संवाद प्रभावित हो रहा है।
खरगे ने कहा कि लोकसभा हो या राज्यसभा, विपक्ष की आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक, स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले वरिष्ठ नेताओं के प्रति सदन में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन सरकार की ओर से ऐसे बयानों पर कोई आपत्ति या निंदा नहीं दिखाई देती।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसी माहौल के विरोध में विभिन्न विपक्षी दलों ने सदन से बहिर्गमन का निर्णय लिया। खरगे के अनुसार, वॉकआउट केवल राजनीतिक रणनीति नहीं, बल्कि सम्मान और अभिव्यक्ति के अधिकार की रक्षा के लिए उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि जब चर्चा का अवसर नहीं दिया जाता, तब विरोध दर्ज कराना ही एकमात्र विकल्प बचता
