
भोपाल। मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने से पहले ब्राह्मण समाज के लोगों पर पुलिस ने रविवार को वाटर केनन से पानी की बौछार कर दी. ब्राह्मण समाज ने आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए मौके पर नारेबाजी की. इस बीच पुलिस और समाज के लोगों के बीच हल्की झड़प भी हुई. रोशनपुरा चौराहे से सीएम हाउस की तरफ बढ़ रहे लोगों को पुलिस ने बाणगंगा चौराहे पर रोक लिया. वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ब्राह्मण समाज ने एसीपी को ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई की मांग की है.
ब्राह्मण समाज के लोगों का कहना है कि विवादित बयान देने वाले वर्मा के खिलाफ अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर प्रस्ताव राज्य सरकार ने केंद्र को भेजा है. वर्मा को लेकर जो प्रस्ताव भेजा गया है. उसमें सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सरकार संतोष वर्मा को बर्खास्त करना चाहती है या सिर्फ उनका प्रमोशन रद्द करना चाहती है. प्रस्ताव में कार्रवाई को लेकर कोई ठोस कारण भी जीएडी की तरफ से स्पष्ट नहीं किया गया है.
इससे पहले रोशनपुरा चौराहे पर दोपहर में ही ब्राह्मण समाज के लोग एकजुट हुए. आईएएस वर्मा के खिलाफ विरोध कर रहे लोगों को पुलिस बार बार समझाईश दे रही थी. इस बीच प्रदर्शन को उग्र होता देख पुलिस ने वाटर केनन का प्रयोग किया.
बता दें कि भोपाल सहित प्रदेश के अलग अलग इलाकों में संतोष वर्मा के खिलाफ अनेकों संगठनों ने इस मुद्दे को लेकर अभी तक अपना विरोध जताया है. संगठनों की मांग है कि वर्मा पर एफआईआर दर्ज हो और उनका निलंबन भी होना चाहिए. इसी को लेकर राजधानी में ब्राह्मण समाज एक बार फिर एकजुट हुआ. रोशनपुरा चौराहे से मुख्यमंत्री निवास के घेराव को लेकर शंखनाद 11 दिसंबर को ही ब्राह्मण समाज की ओर से किया गया. हालांकि उसी दिन देर शाम को वर्मा को उनके वर्तमान पद से मुक्त किया गया. ब्राह्मण समाज के विरोध प्रदर्शन को लेकर एसीपी मनीष भारद्वाज ने बताया कि समाज के लोगों ने ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई की मांग की है. आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने ब्राह्मण समाज की बहू-बेटियों के विवादित बयान दिया है. इसके चलते उनके खिलाफ पिछले कई दिनों से कठोर कार्रवाई की मांग ब्राह्मण समाज के लोग कर रहे हैं.
