
उमरिया: जिले में बीते 24 घंटों के दौरान वन्य जीव संरक्षण को झकझोर देने वाली दो गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। पहली घटना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) के धमोखर वन परिक्षेत्र अंतर्गत बदरेहल बीट की है, जहां एक तीन वर्षीय नर तेंदुआ बाघ के हमले में मारा गया। वहीं दूसरी घटना चंदिया तहसील क्षेत्र के सामान्य वन मंडल इलाके में सामने आई है, जहां एक पांच वर्षीय बाघ का शव संदिग्ध हालात में मिला है। दोनों ही मामलों ने वन विभाग और वन्य जीव विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। बीटीआर में शनिवार को गश्ती दल को बदरेहल बीट में तेंदुए का शव दिखाई दिया। उप संचालक पीके वर्मा के अनुसार मृत नर तेंदुए की उम्र लगभग तीन वर्ष थी। उसके शरीर का बड़ा हिस्सा बाघ द्वारा खा लिया गया था।
मौके से मादा बाघ और तेंदुए के पगमार्क, समीप के पेड़ पर खरोंच तथा जमीन पर घसीटने के स्पष्ट निशान मिले हैं। इन तथ्यों से यह संकेत मिला है कि बाघ ने पेड़ पर चढ़ रहे तेंदुए को नीचे खींचकर मार डाला और बाद में उसे खा लिया। तेंदुए के नाखून, दांत और मूंछें सुरक्षित पाई गई हैं, जिससे अवैध शिकार या मानव हस्तक्षेप की संभावना नगण्य मानी जा रही है। एनटीसीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार पोस्टमार्टम के बाद तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
दूसरी घटना चंदिया तहसील क्षेत्र में हाईवे से सटे बरम बाबा मंदिर के पास सामने आई, जहां एक बाघ का शव मिला। मृत बाघ की आयु करीब पांच वर्ष बताई जा रही है, जो लंबे समय से इलाके में सक्रिय था और स्थानीय लोग उसे ‘धतूरा मेल’ के नाम से जानते थे। बाघ का शव इस तरह मिला मानो वह सो रहा हो, जिससे प्रारंभ में किसी को उसके पास जाने का साहस नहीं हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला करंट से मौत का कम और जहरखुरानी का अधिक प्रतीत होता है। सूत्रों के अनुसार, मौके पर पहुंची डॉग स्क्वॉड टीम ने आसपास के कुछ घरों में भी पूछताछ की है और क्षेत्र में सर्चिग जारी है। फिलहाल बाघ का शव चंदिया के समीप वन विकास निगम की नर्सरी में सुरक्षित रखा गया है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार किया गया।
