इंदौर:मध्यप्रदेश के आर्थिक और शहरी विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रस्तावित मेट्रोपालिटन रीजन को लेकर इंदौर में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के विस्तार, बुनियादी ढांचे और भविष्य की विकास योजनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इंदौर-उज्जैन मेट्रोपालिटन रीजन के मौजूदा स्वरूप की समीक्षा की गई। वर्तमान में इस क्षेत्र में इंदौर, उज्जैन, देवास, धार और शाजापुर जिलों का हिस्सा शामिल है, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 9,989 वर्ग किलोमीटर है। बैठक में इस मेट्रो क्षेत्र में रतलाम जिले को भी शामिल करने की तैयारी पर चर्चा हुई, ताकि मालवा अंचल के औद्योगिक, व्यापारिक और शहरी विकास को एकीकृत रूप दिया जा सके।
बैठक में मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट, इंदौर-उज्जैन मेट्रो कनेक्टिविटी, नई सिटी बस सेवाओं के विस्तार, आईटी हब की स्थापना और नाइट लाइफ पॉलिसी जैसे अहम विषयों पर भी मंथन किया गया। इसके साथ ही एबी रोड पर प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर, मास्टर प्लान में शामिल लेकिन अब तक अधूरी सड़कों के निर्माण और शहर की बढ़ती यातायात समस्या के स्थायी समाधान पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तय समयसीमा में योजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में शासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।बैठक के बाद नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर-उज्जैन मेट्रोपालिटन रीजन केवल एक शहरी परियोजना नहीं, बल्कि पूरे मालवा क्षेत्र के समग्र विकास का रोडमैप है। उन्होंने बताया कि रतलाम को इसमें शामिल करने से औद्योगिक निवेश, रोजगार और आधुनिक शहरी सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता इंदौर को विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकसित करने की है, जहां बेहतर परिवहन, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और गुणवत्तापूर्ण जीवनशैली उपलब्ध हो।
