सतना: पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर मंडल के डीआरएम कमल कुमार तलरेजा ने सतना रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण किया। हालांकि डीआरएम का प्लान जबलपुर से सीधे सतना आने का था, लेकिन वे देश की राजधानी दिल्ली से मनिकपुर, चितहरा और जैतवारा होते हुए सतना जंक्शन पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गतिशक्ति योजना के तहत चल रहे सतना रेलवे स्टेशन के रिडवलपमेंट कार्य की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान स्टेशन पुनर्निर्माण का कार्य कर रही फर्म की धीमी प्रगति पर डीआरएम ने नाराजगी जताई और ठेकेदार को फटकार लगाई। ठेकेदार ने सफाई देते हुए कहा कि अर्थवर्क में समय लगता है और जैसे ही फाउंडेशन का कार्य पूरा होगा, निर्माण कार्य में तेजी नजर आने लगेगी। इस पर डीआरएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हर हाल में 2 से 3 महीने के भीतर कार्य पूरा होना चाहिए और गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान डीआरएम को यह शिकायत भी मिली कि सतना रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर स्थित रेलवे अनुबंधित पन्ना कैंटीन रात 11 बजे के बाद भी खुली रहती है। इस पर डीआरएम ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया और नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बंद होगी सेकेंड इंट्री
स्टेशन रिडवलपमेंट के तहत प्रवेश व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा। जबलपुर एंड की ओर बना सतना रेलवे स्टेशन का सेकेंड एंट्री गेट बंद किया जाएगा। इसके स्थान पर प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर पहली फुट ओवरब्रिज के पास लगभग 20 से 25 फीट का एक अस्थायी प्रवेश द्वार खोला जाएगा, जिससे यात्रियों को असुविधा न हो।
मंदिर के मांगा स्थान
मुख्य द्वार पर स्थित हनुमान मंदिर को लेकर भी चर्चा हुई। डीआरएम ने कहा कि मंदिर को शिफ्ट करने की आवश्यकता पडऩे पर रेलवे पूरी तरह सहयोग करेगा। उन्होंने स्थानीय लोगों से कहा कि वे वैकल्पिक स्थान बताएं, उसी स्थान पर मंदिर को सम्मानपूर्वक शिफ्ट कर दिया जाएगा।
लगरगवां में मंगा स्टेपेज
वहीं, इस दौरान लगरगवां स्टेशन में स्टॉपेज की मांग भी उठी। रीवा से जबलपुर और जबलपुर से रीवा के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेन, जिसे शटल ट्रेन के नाम से जाना जाता है, उसे लगरगवां स्टेशन पर ठहराव देने की मांग ऋषभ सिंह ने क्षेत्रीय लोगों के साथ डीआरएम के सामने रखी। डीआरएम ने इस मांग को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
