इंदौर: पुलिस अब वर्दी में रील बनाने वाले कर्मियों पर नजर रखेगी. पुलिस मुख्यालय ने हाल ही में पुलिस कर्मियों के लिए नई एसओपी जारी कर स्पष्ट किया है कि ऐसे कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, निलंबन और पदावनति तक की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया पर वर्दी में रील बनाने का चलन तेजी से बढ़ा है. आम लोगों के साथ-साथ कई पुलिसकर्मी भी फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर वर्दी में अलग-अलग अंदाज में वीडियो पोस्ट कर रहे हैं.
इससे पुलिस की सार्वजनिक छवि प्रभावित हो रही है. पुलिस मुख्यालय सूत्रों का कहना है कि इस बार की एसओपी में केवल चेतावनी तक सीमित नहीं रखा है. अब प्रत्येक जिले के एसपी को निर्देश दिया है कि साइबर सेल के जरिए ऐसे पुलिसकर्मियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ विभागीय जांच, वेतन वृद्धि रोकने, निलंबन, पदावनति और सेवा से पृथक जैसी कार्रवाई की जाए.
वर्दी में अनुचित हरकतों से पड़ता है पुलिस की प्रतिष्ठा पर असर
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वर्दी में अनुचित हरकतों से पुलिस की प्रतिष्ठा पर असर पड़ता है. एसओपी जारी करने का मकसद न केवल सोशल मीडिया पर नियंत्रण रखना है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि पुलिसकर्मी अपने सार्वजनिक आचरण में जिम्मेदार और पेशेवर बने रहें. इस कदम के बाद अब शहर में कई पुलिसकर्मी, जो वर्दी में मस्ती और रील बनाने में लगे थे, खुद अपनी गतिविधियों पर नजर रखने लगे हैं. पुलिस की छवि सुधारने और अनुशासन कायम रखने की यह पहल अहम मानी जा रही है.
