सतना :लगातार चली आ रही खस्ताहाल सडक़ की स्थिति ने पूर्व चेंबर अध्यक्ष को इस कदर आक्रोशित कर दिया कि वे तपती दोपहरी में ही गली में लेटते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे. लगभग 4 घंटे से अधिक समय तक जारी रहे विरोध प्रदर्शन के बाद नगर निगम के उपायुक्त मौके पर पहुंचे. जिनके द्वारा दिए गए आश्वासन पर विरोध समाप्त कर दिया गया.
पूर्व चेंबर अध्यक्ष विवेक अग्रवाल रविवार की दोपहर राजेंद्र नगर गली नंबर 3 में जाकर लेट गए. उनके साथ कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे जो आस पास बैठ गए. घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के कुछ पार्षद सहित अन्य लोग भी पूर्व चेंबर अध्यक्ष के समर्थन में मौके पर पहुंच गए. तपती दोपहरी में लेटकर विरोध प्रदर्शप करने के दौरान पूर्व चेंबर अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने बताया कि यह गली शहर के व्यस्त मार्गों में से एक है.
इस गली में जगह जगह गड्ढे होने के कारण हर समय दुर्घटना की संभावना बनी रहती है. इस समस्या को लेकर उनके द्वारा कई बार नगर निगम के जिम्मेदारों को बताया गया. लेकिन वहां पर कोई सुनने को तैयार नही है. वहीं जहब रविवार की सुबह उन्होंने गली के गड्ढे में डस्ट डालते हुए देखा तो उनका आक्रोश बढ़ गया और वे विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर हो गए. शहर में जहां कहीं भी जानलेवा गड्ढे हैं उन्हें डस्ट से भरकर काम चलाया जा रहा है. जबकि नगर निगम अच्छी तरह जानता है कि डाली जा रही डस्ट कितने दिन चलेगी. इसी कड़ी में उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि चूंकि वे हमेशा भ्रष्टाचार का विरोध करते हैं. इसलिए नगर निगम उनकी बात को अनसुना कर देता है.
मिला 15 अक्टूबर तक का आश्वासन
पूर्व चेंबर अध्यक्ष के विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर कुछ भाजपा नेता भी मौके पर पहुंच गए और समझाने का प्रयास किया. लेकिन बात नहीं बनी. लिहाजा लगभग 4 घंटे बाद उपायुक्त वित्त नगर निगम सत्यम मिश्रा मौके पर पहुंचे और आश्वासन दिया. उपायुक्त के आश्वासन पर पूर्व चेंबर अध्यक्ष ने विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया. उपायुक्त द्वारा आश्वस्त किया गया कि 15 अक्टूबर से सडक़ निर्माण का कार्य आरंभ हो जाएगा.
