नयी दिल्ली, 12 दिसंबर (वार्ता) नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मामलों के केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि भारत का स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव अब योजना से वास्तविक कार्यान्वयन की ओर बढ़ रहा है।
श्री जोशी ने शुक्रवार को यहां नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के तहत राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान और टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) के साथ एक समझौता ज्ञापन के मौके पर कहा कि राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान और टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के बीच यह समझौता और इसके साथ ही परीक्षण के लिए हाइड्रोजन फ्यूल-सेल वाहन को सौंपा जाना हमारे राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। घरेलू क्षमता निर्माण और ऊर्जा स्वतंत्रता तथा कार्बन तटस्थता के करीब पहुंचने के लिए ये भागीदारियाँ आवश्यक हैं।
यह समझौता नयी दिल्ली में एमएनआरई मुख्यालय में हुआ और यह भारत के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन और दीर्घकालिक कार्बन-तटस्थता महत्वाकांक्षाओं को बढ़ावा देता है।
इस महत्वपूर्ण सहयोग के तहत, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने भारतीय ड्राइविंग और जलवायु परिस्थितियों में एक व्यापक वास्तविक-दुनिया की व्यवहार्यता और प्रदर्शन मूल्यांकन के लिए अपना हाइड्रोजन फ्यूल-सेल इलेक्ट्रिक वाहन, टोयोटा मिराई राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान को सौंपा है। यह साझेदारी भारत के स्वच्छ, सुरक्षित और हाइड्रोजन-आधारित एनर्जी सिस्टम की ओर तेजी से रुख करने के लिए उद्योग, अनुसंधान और राष्ट्रीय नीति के एक महत्वपूर्ण समामेलन का प्रतिनिधित्व करती है।
इस एमओयू के तहत राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान, मिराई का प्रमुख परिचालन मापदंडों पर विस्तृत मूल्यांकन करेगा, जिसमें ईंधन दक्षता, वास्तविक दुनिया की रेंज, चलने की क्षमता, ईंधन भरने का व्यवहार, विभिन्न इलाकों में प्रदर्शन, सर्दियों की परिचालन स्थितियाँ, और संपूर्ण पर्यावरणीय लचीलापन शामिल है। इस अध्ययन में भारत की सड़कों का बुनियादी ढांचा, यातायात पैटर्न, धूल के संपर्क और जलवायु परिवर्तनशीलता के प्रति वाहन की अनुकूलन क्षमता की भी जाँच की जाएगी।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा और विद्युत मंत्रालय,श्रीपाद येसो नाइक, , टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के विक्रम गुलाटी, कंट्री हेड और कार्यकारी उपाध्यक्ष, कॉर्पोरेट अफेयर्स और गवर्नेंस, तथा अन्य वरिष्ठ कार्यकारी भी उपस्थित थे।
श्री सुदीप दलवी, (मुख्य संचार अधिकारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं निदेशक) टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने कहा, “भारत के अलग-अलग मौसम और सड़कों पर टोयोटा मिराई की असली जाँच से हमें यह जानने में मदद मिलेगी कि हाइड्रोजन भविष्य में यातायात का एक बड़ा साधन बन सकता है या नहीं। इस साझेदारी से पता चलता है कि हम नई तकनीक लाने और भारत के ऊर्जा लक्ष्यों तथा स्वच्छ परिवहन को बेहतर बनाने में पूरी तरह से योगदान देने के लिए तैयार हैं। हम नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के बहुत आभारी हैं कि उन्होंने इस ज़रूरी अध्ययन में हमारा साथ दिया। उनका सहयोग भारत को ‘नेट-ज़ीरो’ लक्ष्य की ओर बढ़ने में मजबूत बनाएगा।”
श्री गुलाटी ने कहा, “हम कई तरह के रास्तों वाले दृष्टिकोण के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध हैं। यह दृष्टिकोण हाइड्रोजन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों, मजबूत हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों और वैकल्पिक ईंधन तकनीकों को जोड़ता है। राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान के साथ हमारी यह साझेदारी और टेस्टिंग के लिए टोयोटा मिराई सौंपना, भारत के हरित हाइड्रोजन मिशन को समर्थन देने और देश को पर्यावरण के अनुकूल एवं घरेलू ऊर्जा से चलने वाली भविष्य की गाड़ियों की ओर तेजी से ले जाने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को साबित करता है। हमारा विश्वास है कि हाइड्रोजन फ्यूल-सेल तकनीक, दूसरी टिकाऊ तकनीकों के साथ मिलकर, भारत को अपनी नेट-जीरो प्रतिबद्धताओं और ऊर्जा स्वतंत्रता के लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
टोयोटा मिराई, जो दूसरी पीढ़ी का हाइड्रोजन फ्यूल-सेल इलेक्ट्रिक वाहन है जो हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच एक रासायनिक प्रतिक्रिया के माध्यम से बिजली उत्पन्न करता है, जिसमें बाय-प्रोडक्ट के रूप में केवल वाटर वेपर (जल वाष्प) का उत्सर्जन होता है। लगभग 650 किलोमीटर की ड्राइविंग रेंज और महज पाँच मिनट में ईंधन भरने के साथ, यह दुनिया के सबसे उन्नत शून्य-उत्सर्जन गतिशीलता समाधानों में से एक है।
